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'समाधान दीदी' से शिकायतों का होगा स्मार्ट और तेज निपटारा, जितेंद्र सिंह बोले-कई देशों ने रुचि दिखाई

केंद्र सरकार ने आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान को और अधिक आसान, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है

समाधान दीदी से शिकायतों का होगा स्मार्ट और तेज निपटारा, जितेंद्र सिंह बोले-कई देशों ने रुचि दिखाई
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान को और अधिक आसान, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'समाधान दीदी' नामक नए एआई-आधारित चैटबॉट की शुरुआत करते हुए इसे सरकार की शिकायत निवारण प्रणाली को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 'समाधान दीदी' फिलहाल संविधान की सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इसके साथ ही सरकार क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को भी इसमें शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत भाषाई विविधता वाला देश है, इसलिए सरकारी सेवाओं और शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म को उन भाषाओं में उपलब्ध कराना जरूरी है जिनमें नागरिक सहज महसूस करते हैं। इससे अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और व्यवस्था अधिक समावेशी बनेगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले जहां सालाना करीब दो लाख शिकायतें दर्ज होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 25 से 30 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि शिकायतों की संख्या में यह बढ़ोतरी लोगों के बढ़ते भरोसे, समयबद्ध कार्रवाई और बेहतर जवाबदेही का परिणाम है।

जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि भारत की शिकायत निवारण प्रणाली में कई देशों ने रुचि दिखाई है। मालदीव, मॉरीशस और अफ्रीका के कई देश भारत के इस मॉडल का अध्ययन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से भी 'समाधान दीदी' का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

'समाधान दीदी' एक वॉयस-आधारित, बहुभाषी शिकायत पंजीकरण सहायक है, जिसमें एआई-आधारित स्मार्ट कैटेगराइजेशन की सुविधा दी गई है। नागरिक अपनी शिकायत आवाज या टेक्स्ट के जरिए विभिन्न भारतीय भाषाओं में दर्ज कर सकेंगे। चैटबॉट शिकायत का विश्लेषण कर उसे स्वतः संबंधित विभाग और श्रेणी में भेज देगा, जिससे लोगों को मंत्रालय या विभाग चुनने की जटिल प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा।


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