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CJP ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को दी चेतावनी; कहा- युवाओं की नजरें आप पर हैं

सीजेपी ने सरकार से अपने पांच सूत्रीय शिक्षा सुधार चार्टर को लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना अब नई शिक्षा नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।

CJP ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को दी चेतावनी; कहा- युवाओं की नजरें आप पर हैं
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नई दिल्ली: करीब 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन को समाप्त करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश के युवा शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार की हर पहल पर नजर रखेंगे। पार्टी का कहना है कि आंदोलन भले समाप्त हो गया हो, लेकिन शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग पहले की तरह जारी रहेगी। सीजेपी ने सरकार से अपने पांच सूत्रीय शिक्षा सुधार चार्टर को लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना अब नई शिक्षा नेतृत्व की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।

'युवा जवाबदेही चाहते हैं'

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हालिया आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि देश के युवा अब नीतिगत फैसलों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर पहले से अधिक जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास था। दास ने कहा कि संगठन की ओर से उठाई गई मांगें पूरे देश के छात्रों और युवाओं की चिंताओं को प्रतिबिंबित करती हैं। उनका कहना था कि इसी कारण आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला।

नए शिक्षा मंत्री से जल्द होगी मुलाकात

सौरव दास ने बताया कि सीजेपी जल्द ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात करेगी और शिक्षा सुधार से जुड़े पांच सूत्रीय चार्टर पर विस्तृत चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक महीने के भीतर बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई शिक्षा नेतृत्व परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। दास ने कहा कि यदि सुधारों पर गंभीरता से काम नहीं हुआ तो संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

सीजेपी ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। सौरव दास ने कहा कि यह देश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक क्षण है और इससे यह संदेश गया है कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज प्रभावी हो सकती है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने अनुशासन और शांतिपूर्ण विरोध का परिचय दिया, जिसने पूरे देश का ध्यान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित किया।

सरकार के आश्वासनों का किया उल्लेख

सीजेपी के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज होने वाले मामलों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। संगठन ने इन आश्वासनों का स्वागत करते हुए कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण बात इन वादों का प्रभावी क्रियान्वयन है। हालांकि इन मुद्दों पर संबंधित सरकारी विभागों की ओर से आधिकारिक और विस्तृत घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस और RAF के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी

सौरव दास ने कहा कि संगठन 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग के मामले में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान जरूरत से अधिक बल का इस्तेमाल किया गया। वहीं, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के साथ हुई बैठक सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि बैठक में 20 जुलाई की घटनाओं की समीक्षा की गई और दोनों पक्षों के बीच संवाद कायम रहा। रांका ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाला कदम बताया।

शांतिपूर्ण आंदोलन को बताया बड़ी सफलता

सीजेपी नेतृत्व ने आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे अभियान के दौरान शांतिपूर्ण विरोध को प्राथमिकता दी गई। संगठन ने समर्थकों से अपील की कि आंदोलन की सफलता का जश्न भी संयम और शांति के साथ मनाया जाए। पार्टी का कहना है कि अब संघर्ष का अगला चरण शिक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और छात्रों के हितों के अनुरूप बन सके।


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