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CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, नोटिस थमाकर कहा- तिरंगा मार्च मत निकालिए

पुलिस से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को 15 से 20 पुलिसकर्मी CJP नेता अभिजीत दीपके के झंडेवालान स्थित आवास पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित नहीं करने का नोटिस दिया।

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, नोटिस थमाकर कहा- तिरंगा मार्च मत निकालिए
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नई दिल्ली: राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले कनॉट प्लेस और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को बिना अनुमति मार्च नहीं निकालने के संबंध में नोटिस दिया है। शुक्रवार शाम पांच बजे प्रस्तावित इस कार्यक्रम को देखते हुए सेंट्रल पार्क और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के पार्क को दो दिन के लिए बंद रखने के फैसले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।

अभिजीत दीपके के आवास पर पहुंची पुलिस

पुलिस से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को 15 से 20 पुलिसकर्मी CJP नेता अभिजीत दीपके के झंडेवालान स्थित आवास पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित नहीं करने का नोटिस दिया। बताया गया है कि यह आवास उनके एक दोस्त का है। इस दौरान दीपके और पुलिसकर्मियों के बीच बहस भी हुई। दीपके ने कथित तौर पर कहा कि उनका कार्यक्रम कोई रैली या विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि वे सेंट्रल पार्क जाकर केवल तिरंगा फहराना चाहते हैं। पुलिस ने क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए उन्हें मार्च नहीं निकालने की हिदायत दी है। कार्यक्रम के दौरान उन्हें हिरासत में लिए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।

गिरफ्तारी के विरोध में मार्च

CJP ने शुक्रवार शाम पांच बजे ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने का ऐलान किया था। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, यह कार्यक्रम CJP सदस्यों आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया जाना है। पार्टी का आरोप है कि दोनों को तिरंगा फहराने के कारण जेल भेजा गया। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर भी प्रदर्शन कर रही है। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए NDMC ने 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। पार्क के आसपास पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

नई दिल्ली में हजारों जवान तैनात

सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली क्षेत्र में छह हजार से अधिक दिल्ली पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है और करीब पांच हजार जवानों को रिजर्व में रखा गया है। कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, संसद मार्ग और आसपास के मेट्रो स्टेशनों सहित संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। कनॉट प्लेस, पटेल चौक और ITO समेत कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ बढ़ने या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त बल भी तैनात किया जा सकता है।

सेंट्रल पार्क बंद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

NDMC के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई और तत्काल सुनवाई की मांग की गई। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे। सुनवाई के दौरान अदालत ने छोटे दुकानदारों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया। जस्टिस बागची ने कहा कि एक ओर कोई विरोध करना चाहता है, दूसरी ओर कोई मूंगफली बेचकर रोजी-रोटी कमाना चाहता है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहता है। ये सभी पहलू एक-दूसरे से जुड़े हैं।

हस्तक्षेप कर सकता है कोर्ट

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि NDMC ने गुरुवार देर रात सेंट्रल पार्क बंद करने का निर्देश जारी किया, जिससे वहां कारोबार करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। इस पर पीठ ने संकेत दिया कि यदि प्रशासन की कार्रवाई जरूरत से ज्यादा सख्त पाई जाती है, तो अदालत अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के तहत हस्तक्षेप कर सकती है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 26 या 27 अक्टूबर की संभावित तारीख का संकेत दिया। फिलहाल, प्रस्तावित मार्च, पुलिस की पाबंदियों और पार्क बंद रखने के फैसले को लेकर दिल्ली में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


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