प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP की ‘रेजिग्नेशन पार्टी’ पर छिड़ी बहस, डांस वीडियो को लेकर सौरव दास और महेश जेठमलानी आमने-सामने
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि CJP के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य छात्र एक होटल में इकट्ठा होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मना रहे थे। वीडियो पर अंग्रेजी में "Resignation Party" लिखा दिखाई देता है।

नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कथित "रेजिग्नेशन पार्टी" वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में कुछ छात्र नेताओं और CJP से जुड़े लोगों को एक होटल में संगीत पर डांस करते हुए देखा जा सकता है। इन वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने आंदोलन की गंभीरता पर सवाल उठाए, जबकि CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने इसे नई पीढ़ी की अभिव्यक्ति का तरीका बताते हुए आलोचनाओं का जवाब दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं।
होटल में जश्न के वीडियो बने चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि CJP के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य छात्र एक होटल में इकट्ठा होकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मना रहे थे। वीडियो पर अंग्रेजी में "Resignation Party" लिखा दिखाई देता है। एक वीडियो में सौरव दास डांस करते नजर आते हैं, जबकि दूसरे वीडियो में कुछ छात्र लोकप्रिय गीतों पर नृत्य करते दिखाई देते हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आंदोलन की शैली और उसके संदेश को लेकर बहस शुरू हो गई।
महेश जेठमलानी ने उठाए सवाल
भाजपा सांसद महेश जेठमलानी ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि आंदोलन से जुड़े लोग होटल में जश्न मना रहे हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि दिल्ली में कई दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति और विरोध प्रदर्शनों के बाद कथित तौर पर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले युवा संगीत बजाकर नाचते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इस व्यवहार को आंदोलन की गंभीरता के संदर्भ में सवालों के घेरे में रखा।
सौरव दास बोले- यही है Gen-Z की अभिव्यक्ति
महेश जेठमलानी की टिप्पणी के जवाब में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने X पर लिखा कि आलोचना से यह स्पष्ट होता है कि कुछ लोग आज की Gen-Z पीढ़ी की सोच और अभिव्यक्ति के तरीके को नहीं समझते। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी विरोध-प्रदर्शन और जीवन के सामान्य क्षणों को एक-दूसरे से अलग नहीं मानती। उनके अनुसार, कोई व्यक्ति सड़क पर बैठकर आंदोलन भी कर सकता है, साथ ही संगीत सुन सकता है, नृत्य कर सकता है या दोस्तों के साथ समय भी बिता सकता है। सौरव दास ने कहा कि सामाजिक बदलाव की लड़ाई लड़ने के लिए किसी एक तय छवि या पुराने ढांचे में फिट होना जरूरी नहीं है। उन्होंने अपनी पीढ़ी को आत्मविश्वासी, रचनात्मक और परंपरागत सोच से अलग बताया।
अभिजीत दीपके पार्टी में नहीं आए नजर
वीडियो में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके दिखाई नहीं दिए। जानकारी के अनुसार, वह रविवार को राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके ने मीडिया से कहा कि सरकार के साथ इस बात को लेकर बातचीत जारी है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात कानूनी सलाह लेने के उद्देश्य से की गई थी।
कानूनी रणनीति पर हुई चर्चा
कपिल सिब्बल देश के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं और लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अभिजीत दीपके ने आंदोलन से जुड़े कानूनी पहलुओं और छात्रों के मामलों में उपलब्ध संवैधानिक विकल्पों पर उनसे सलाह ली। हालांकि, मुलाकात के बाद दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
रेजिग्नेशन पार्टी के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक वर्ग का कहना है कि आंदोलन से जुड़े लोगों को सार्वजनिक रूप से जश्न मनाने से बचना चाहिए, जबकि दूसरा वर्ग इसे नई पीढ़ी के विरोध और अभिव्यक्ति के आधुनिक तरीके के रूप में देख रहा है।


