Top
Begin typing your search above and press return to search.

‘असम, बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई बंद हो’, CJP का सरकार को चेतावनी

सौरव दास ने कहा कि संगठन की कानूनी टीम पहले दिन से ही सक्रिय है और जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है या जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

‘असम, बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई बंद हो’, CJP का सरकार को चेतावनी
X

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक विवाद के बाद हुए छात्र आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर केंद्र सरकार से अपने वादों को निभाने की अपील की है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में दावा किया कि विभिन्न राज्यों से प्रदर्शन में शामिल छात्रों और अन्य लोगों को हिरासत में लेने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन रिपोर्टों ने संगठन की चिंता बढ़ा दी है। सौरव दास ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने का निर्णय सरकार के आश्वासन के आधार पर लिया गया था, इसलिए यदि कहीं भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होती है तो यह भरोसे के विपरीत होगा।

सरकार के आश्वासन का किया उल्लेख

सीजेपी ने कहा कि देशव्यापी आंदोलन वापस लेने से पहले केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया था कि भाजपा या एनडीए शासित किसी भी राज्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ वर्तमान या भविष्य में दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। पार्टी के अनुसार, इसी आश्वासन के आधार पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। संगठन का कहना है कि अब यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आती हैं तो सरकार को तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कानूनी सहायता के लिए सक्रिय है CJP

सौरव दास ने कहा कि संगठन की कानूनी टीम पहले दिन से ही सक्रिय है और जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है या जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों के अनुभवी अधिवक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों की रिहाई और कानूनी प्रक्रिया में उनकी सहायता सुनिश्चित की जा सके।

जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से की अपील

सीजेपी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह आंदोलन समाप्त होने के समय दिए गए आश्वासनों का सम्मान करे। सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से अपील करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न हो। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें जल्द रिहा किया जाए और आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

लिखित गारंटी की भी दोहराई मांग

सीजेपी ने अपने बयान में कहा कि सरकार ने इस विषय पर लिखित आश्वासन देने का भी वादा किया था। संगठन ने सरकार से आग्रह किया कि वह तय समयसीमा के भीतर इस वादे को पूरा करे ताकि प्रदर्शनकारियों और छात्रों के बीच विश्वास कायम रहे। सौरव दास ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने का फैसला सद्भावना और संवाद की भावना से लिया गया था। उनके अनुसार, यदि सरकार अपने आश्वासनों का पालन नहीं करती, तो इससे केवल संगठन ही नहीं बल्कि उन लाखों युवाओं का भी भरोसा प्रभावित होगा जिन्होंने शांतिपूर्ण संवाद को प्राथमिकता दी।

युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील

सीजेपी ने अपने समर्थकों और आंदोलन में शामिल युवाओं से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील भी की। सौरव दास ने कहा कि संगठन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है और परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय करेगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि संगठन उनके साथ खड़ा है और किसी भी कानूनी या प्रशासनिक चुनौती का सामना करने में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it