जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन की तैयारी में CJP, दिल्ली पुलिस को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास सोमवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। दोनों नेताओं ने दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की।

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर दिल्ली में आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास सोमवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। दोनों नेताओं ने दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की। पार्टी ने पुलिस को 24 घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में प्रदर्शन की तारीख नहीं बताई जाती है, तो वह खुद आंदोलन की अगली तारीख का ऐलान करेगी। सीजेपी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सामने रखना है। पार्टी चाहती है कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर दे और इसकी तारीख व समय को लेकर स्थिति स्पष्ट करे।
पुलिस को 24 घंटे में तारीख बताने की मांग
पुलिस स्टेशन पहुंचने से पहले आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कार्यक्रम की जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि सोमवार सुबह 10 बजे वह सौरव दास, रत्ना सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे। रांका के मुताबिक, पार्टी पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख मांग रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के पास 24 घंटे का समय है, जिसमें वह प्रदर्शन का दिन और समय निर्धारित कर सकती है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो पार्टी अपनी ओर से अगले प्रदर्शन की घोषणा करेगी।
'प्रदर्शन की तारीख पुलिस खुद तय करे'
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आम तौर पर दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की अनुमति के लिए लगभग 10 दिन पहले आवेदन करने को कहती है। हालांकि, इस बार पार्टी ने पुलिस से ही तारीख और समय तय करके बताने का आग्रह किया है। दास के अनुसार, पुलिस के पास कार्यक्रम की तारीख निर्धारित करने का विकल्प मौजूद है। पार्टी उसे इसके लिए 24 घंटे का समय दे रही है। यदि इस अवधि में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता है, तो सीजेपी आगे की रणनीति तय करेगी और अपने स्तर पर प्रदर्शन का अगला ऐलान करेगी। पार्टी का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहती है। ऐसे में प्रदर्शन की तारीख और समय को लेकर पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है।
पहले भी हिरासत में लिए गए थे सीजेपी नेता
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एहतियातन हिरासत में लिया था। बाद में दिल्ली की एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने तीनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। पार्टी के वकील के मुताबिक, रिहाई के दौरान तीनों नेताओं को एक साल तक ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया गया, जिनसे शांति और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो सकती है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी ने दोबारा प्रदर्शन की तैयारी शुरू की है।
अभिजीत दीपके बोले- फिर सड़कों पर उतरेंगे
सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने भी आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। उन्होंने एक दिन पहले एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बंधपत्र नहीं दिया है, जिसमें विरोध प्रदर्शन नहीं करने की बात लिखी हो। दीपके ने कहा कि पार्टी ने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया है, जो उसे प्रदर्शन करने से रोकता हो। उन्होंने दोहराया कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता फिर सड़कों पर उतरेंगे। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि सीजेपी चुनावी मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखने के पक्ष में है।
इंडिया ब्लॉक भी सक्रिय
दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक भी चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर आंदोलन तेज करने की तैयारी में है। गठबंधन की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने की योजना बताई गई है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं और इस मुद्दे पर देशभर के नागरिकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। सीजेपी की ओर से जंतर-मंतर पर नए प्रदर्शन की तैयारी और इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च के बीच दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब यह देखना होगा कि दिल्ली पुलिस 24 घंटे के भीतर सीजेपी को प्रदर्शन की तारीख बताती है या पार्टी अपनी ओर से आंदोलन का अगला कार्यक्रम घोषित करती है।


