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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: ‘10 मिनट डिलीवरी’ पर लगी रोक, गिग वर्कर्स को राहत

केंद्र सरकार ने गिग वर्कर्स को बड़ी राहत देते हुए 10 मिनट डिलीवरी दावे पर सख्त फैसला किया है। सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को समय की बाध्यता को हटाने की सलाह दी है

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: ‘10 मिनट डिलीवरी’ पर लगी रोक, गिग वर्कर्स को राहत
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राघव चड्ढा बोले—गिग वर्कर्स की सुरक्षा और सम्मान के लिए ऐतिहासिक कदम

  • क्विक कॉमर्स कंपनियों से हटेगा ‘10 मिनट वादा’, डिलीवरी बॉयज़ का दबाव कम होगा
  • लोगों की आवाज बनी ताकत, सरकार ने सुनी गिग वर्कर्स की पुकार
  • काम का बोझ घटेगा, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी—गिग वर्कर्स के चेहरे खिले

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गिग वर्कर्स को बड़ी राहत देते हुए 10 मिनट डिलीवरी दावे पर सख्त फैसला किया है। सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को समय की बाध्यता को हटाने की सलाह दी है। राज्यसभा सदस्य और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने मंगलवार को केंद्र सरकार का आभार जताया।

राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, "आज देश के गिग वर्कर्स के लिए बहुत बड़ा दिन है। उनके लिए गुडन्यूज है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद क्विक कॉमर्स कंपनी 10 मिनट की डिलीवरी की ब्रांडिंग को हटाएंगी। इस विषय पर सभी के सहयोग और एकजुट होकर उठाई गई आवाज के कारण ऐसा संभव हो पाया है।"

आप सांसद ने कहा, "लोगों की आवाज इन कंपनियों की मैनेजमेंट तक नहीं पहुंची। शायद उन्होंने इसे अनसुनी कर दिया, लेकिन ये आवाज केंद्र सरकार तक पहुंची और उस पर कार्रवाई भी की। मैं केंद्र सरकार के इस हस्तक्षेप के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं।"

उन्होंने कहा, "जब डिलीवरी ड्राइवर की यूनिफॉर्म पर 10 मिनट का समय छपा हो या उसके बैगपैक पर इसका वादा लिखा हो, और इसके साथ कस्टमर की टाइमिंग स्क्रीन पर टाइमर चल रहा हो तो यह वादा बहुत खतरनाक हो जाता है। इस कारण डिलीवरी राइडर पर जो अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक दबाव पड़ता है, वह अलग है। इसके साथ-साथ वे खतरनाक ड्राइविंग करते हैं। वे ऐसा करके अपनी जान को भी जोखिम में डालते हैं और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की भी।"

राघव चड्ढा ने कहा, "मैंने पिछले कई महीनों में कई डिलीवरी बॉय से मिला और उनसे बात की। उनमें से अधिकतर लोग कम वेतन और अधिक कार्य से पीड़ित हैं। साथ ही अवास्तविक वादे का अलग से दबाव है। इस पूरी मुहिम का मकसद किसी कंपनी को चोट पहुंचाना नहीं, बल्कि गिग वर्कर्स और डिलीवरी बॉय की जिंदगी को बेहतर करना है।"

उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा, "यह फैसला न केवल गिग वर्कर्स की सुरक्षा को ही सुनिश्चित नहीं करेगा, बल्कि उनके सम्मान और कार्य शैली को भी बेहतर करने में मील का पत्थर साबित होगा। मैं तमाम गिग वर्कर्स को कहना चाहता हूं कि वे इस मुहिम में अकेले नहीं हैं। हम सभी उनके साथ हैं।"


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