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आशुतोष बोले- देश में आपातकाल से भी बदतर हालात; सीईसी को बचाने पर केंद्र पर बरसे रांका

प्रेस वार्ता में आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग भाजपा को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहा है और उसके फैसलों पर केंद्र सरकार का प्रभाव है।

आशुतोष बोले- देश में आपातकाल से भी बदतर हालात; सीईसी को बचाने पर केंद्र पर बरसे रांका
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है और चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में काम कर रहा है। CJP नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से जुड़े नेताओं को फ्लाइट में घुसकर हिरासत में लिया गया और इस दौरान दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की। वहीं, सौरव दास ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की छवि को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

‘मोदी-शाह ज्ञानेश कुमार को बचा रहे हैं’

प्रेस वार्ता में आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग भाजपा को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहा है और उसके फैसलों पर केंद्र सरकार का प्रभाव है। रांका ने कहा कि जो आंदोलन पहले चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था, उसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपने खिलाफ लड़ाई बना दिया है। उनके मुताबिक, सरकार का रवैया यह संदेश देता है कि वह किसी भी कीमत पर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद पर बनाए रखना चाहती है। CJP नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय मोदी-शाह के निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है। हालांकि, ये आरोप पार्टी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और इन पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

फ्लाइट में हिरासत और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

आशुतोष रांका ने दावा किया कि प्रदर्शन से जुड़े नेताओं को फ्लाइट में पहुंचकर हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान उनके साथ सौरव दास और अभिजीत दीपके भी थे। रांका ने इसे जबरन उठाए जाने की कार्रवाई बताते हुए दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आपातकाल के दौर से भी आगे बढ़कर काम किया है। रांका के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई ने आंदोलन को दबाने की कोशिशों को उजागर किया है।

अभिजीत दीपके की दादी के निधन पर उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान रांका ने अभिजीत दीपके की दादी के निधन का जिक्र करते हुए पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपके को परिवार में हुई इस दुखद घटना की जानकारी दिए जाने के समय भी पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। रांका ने यह भी कहा कि दीपके अपने निजी पारिवारिक मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहते थे, लेकिन घटनाक्रम के कारण यह चर्चा में आ गया। उनके अनुसार, दीपके अपने गांव के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, दीपके राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से मुलाकात के बाद उनके आवास से बाहर निकले। उन्होंने बताया कि उनकी दादी का निधन हो गया है और वह परिवार के साथ रहने के लिए घर जा रहे हैं।

‘दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया’

CJP नेता सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों से सुरक्षाबलों को राजधानी में तैनात किया गया है और आंदोलन में शामिल लोगों की गलत छवि पेश की जा रही है। दास ने दावा किया कि सरकार को उम्मीद है कि युवाओं के खिलाफ माहौल बनाया जा सकेगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं और सरकार लोगों की शिकायतें सुनने के बजाय उनसे टकराव का रास्ता अपना रही है।

जंतर-मंतर मार्च के दौरान कई कार्यकर्ता हिरासत में

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहा। कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगा रहे थे। इलाके में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई थी। CJP और छात्र संगठनों का आंदोलन अब चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों जैसे मुद्दों पर केंद्रित हो गया है। इस बीच, लगाए गए आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।


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