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अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई का आश्वासन, माता-पिता बोले- निष्पक्ष जांच की उम्मीद

2022 में उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सीबीआई मुख्यालय में वरिष्ठ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें मामले के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।

अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई का आश्वासन, माता-पिता बोले- निष्पक्ष जांच की उम्मीद
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नई दिल्ली। 2022 में उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई अंकिता भंडारी के माता-पिता ने शुक्रवार को सीबीआई मुख्यालय में वरिष्ठ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें मामले के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।

यह मुलाकात अंकिता के माता-पिता द्वारा 14 अक्टूबर को इंडिया गेट के पास अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए किए गए विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद हुई।

इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उनकी मांग के प्रति एकजुटता व्यक्त की।

जानकारी के अनुसार, अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने शुक्रवार को सीबीआई मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और मामले के विभिन्न पहलुओं से संबंधित जानकारी साझा की।

सीबीआई अधिकारियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि मामले के सभी पहलुओं की ठीक से जांच की जाएगी और जांच निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से की जाएगी।

19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता की कथित तौर पर सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी।

इस मामले ने उत्तराखंड भर में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया था और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही थी।

इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने कहा कि उसने अंकिता को न्याय दिलाने के लिए शुरू से ही पूरी गंभीरता से काम किया।

दो दिन पहले जारी एक बयान में राज्य सरकार ने कहा कि आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था और गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

इसके बाद लगभग 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें सबूत और लगभग 100 गवाहों के बयान शामिल थे।

राज्य सरकार ने यह भी बताया कि मुकदमे के बाद आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और उनकी जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज की गईं।

सरकार ने कहा कि परिवार के अनुरोध पर तीन बार लोक अभियोजकों को बदला गया और अंकिता के माता-पिता की मांग पर मुख्यमंत्री धामी ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।

राज्य सरकार ने यह भी कहा कि उसने अंकिता के पिता और भाई को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं।


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