Top
Begin typing your search above and press return to search.

'पूरा सिस्टम बचाने में जुटा था, साथ न मिला', बृजभूषण के बरी होने पर विनेश फोगाट की पोस्ट, हाईकोर्ट जाने की तैयारी

अदालत के फैसले के तुरंत बाद पूर्व ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि सत्ता के प्रभावशाली नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना ही अपने आप में साहसिक कदम था।

पूरा सिस्टम बचाने में जुटा था, साथ न मिला, बृजभूषण के बरी होने पर विनेश फोगाट की पोस्ट, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
X

नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले के साथ करीब तीन वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम चरण समाप्त हो गया। हालांकि अदालत के इस निर्णय के बाद मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है, क्योंकि शिकायतकर्ता महिला पहलवानों ने फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

विनेश फोगाट ने फैसले पर जताई नाराजगी

अदालत के फैसले के तुरंत बाद पूर्व ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि सत्ता के प्रभावशाली नेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना ही अपने आप में साहसिक कदम था। विनेश ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान कई खिलाड़ियों पर दबाव बनाया गया और कुछ को शिकायत वापस लेने के लिए डराया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कई महिला पहलवानों ने अदालत में डटकर कानूनी लड़ाई लड़ी। विनेश ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत से ही पूरा तंत्र और सरकार आरोपी को बचाने में लगी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दे दिया है और न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अदालत के फैसले के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महिला सशक्तिकरण, महिला आरक्षण और युवाओं के हितों की बात करती है, जबकि दूसरी ओर ऐसे मामलों में अलग तस्वीर दिखाई देती है। प्रियंका गांधी ने फैसले पर सीधे टिप्पणी करने के बजाय सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।

तीन साल चली सुनवाई, 127 बार हुई कोर्ट में सुनवाई

यह मामला अप्रैल 2023 में महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने जून 2023 में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद 10 मई 2024 को अदालत ने आरोप तय किए और नियमित ट्रायल शुरू हुआ। मामले में कुल 1133 दिनों की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान 127 सुनवाई हुईं और 32 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें 2 जुलाई 2026 को पूरी हुई थीं, जिसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।

बृजभूषण बोले- सम्मान के साथ बरी हुआ हूं

फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने इसे अपने सम्मान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने केवल उन्हें बरी नहीं किया, बल्कि सम्मानपूर्वक बरी किया है। उन्होंने अपने पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआत से ही उन्होंने इस पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताया था। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सिद्ध हो जाते तो उन्हें सबसे कठोर सजा भी स्वीकार होती। लगभग तीन वर्ष तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद न्याय मिलने पर उन्होंने अदालत का आभार जताया और अपने समर्थकों के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।

बरी होने का कानूनी अर्थ क्या है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी अभियुक्त के बरी होने का अर्थ यह होता है कि अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके। इसका अर्थ यह नहीं माना जाता कि घटना कभी हुई ही नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्य दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए। यही कारण है कि आपराधिक मामलों में शिकायतकर्ता पक्ष को उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने का अधिकार प्राप्त होता है।

हाईकोर्ट में अपील का रास्ता खुला

महिला पहलवान यदि इस फैसले से असहमत हैं तो वे दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकती हैं। इसके लिए कानून के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर विशेष अनुमति (लीव टू अपील) की मांग करनी होती है। अनुमति मिलने के बाद हाईकोर्ट मामले की दोबारा सुनवाई कर सकता है और निचली अदालत के फैसले की समीक्षा कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता पक्ष इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it