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असम के सीएम का दावा-गौरव गोगोई पर बड़े खुलासे आज

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वह कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े एक 'बड़े राजनीतिक नेक्सस' का खुलासा करेंगे

असम के सीएम का दावा-गौरव गोगोई पर बड़े खुलासे आज
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"राजनीतिक नेक्सस" का पर्दाफाश करेंगे हिमंत सरमा, विपक्ष पर सीधा वार

  • कांग्रेस–राइजर दल गठबंधन पर हमला, सरमा बोले- असम में विपक्ष का कोई भविष्य नहीं
  • गौरव गोगोई से जुड़े पुराने आरोपों से आगे बढ़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा
  • "8 फरवरी के बाद बदल जाएंगे हालात": सीएम सरमा का विपक्ष को कड़ा संदेश

नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वह कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े एक 'बड़े राजनीतिक नेक्सस' का खुलासा करेंगे।

असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले राइजर दल के बीच कथित समझौते को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में विपक्षी गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है।

सोमवार को नए बने स्कूल भवनों के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि 8 फरवरी को होने वाली प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरेव गोगोई के कथित 'पाकिस्तान लिंक' से जुड़े पुराने आरोपों से आगे बढ़कर उससे जुड़े 'पूरे नेटवर्क' को जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे महत्वपूर्ण खुलासे होंगे, जिनका राजनीतिक असर पड़ेगा।

कांग्रेस–राइजर दल गठबंधन की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी नेता कहीं और सरकार बना सकते हैं, लेकिन असम में उनके लिए कोई संभावना नहीं है।

राइजर दल के नेता अखिल गोगोई पर तंज कसते हुए सरमा ने कहा कि वह 500 साल में भी असम में सरकार नहीं बना पाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौरेव गोगोई, अखिल गोगोई और असम जातीय परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई के साथ मिलकर रविवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक संयुक्त राजनीतिक जवाबी हमला करने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, ये सारी कोशिशें केवल भाजपा के आने वाले खुलासों के असर से खुद को बचाने के लिए की जा रही हैं। विपक्षी नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए सरमा ने कहा कि अखिल गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई के लिए सीट बंटवारे पर बातचीत करने का यही सही समय है, क्योंकि 8 फरवरी के बाद उनकी राजनीतिक अहमियत कम हो जाएगी।

उन्होंने कहा, “उन्हें अभी जितना राजनीतिक फायदा लेना है, ले लें, क्योंकि 8 फरवरी के बाद हालात बदल जाएंगे।”

मुख्यमंत्री के इन बयानों से असम में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में सियासी बयानबाजी और तेज होती जा रही है।


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