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कोर्ट से 'क्लीन चिट' के बाद जंतर-मंतर पर केजरीवाल का शक्ति प्रदर्शन, बोले-10 साल में एक पैसा भी करप्शन का नहीं मिला

केजरीवाल ने कहा, “देश में इस समय डर का माहौल है और उसके बावजूद जज साहब ने देश के हक़ में धाकड़ फैसला सुनाया। इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं।” उन्होंने दावा किया कि अदालत के फैसले ने उनके और उनकी पार्टी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है।

कोर्ट से क्लीन चिट के बाद जंतर-मंतर पर केजरीवाल का शक्ति प्रदर्शन, बोले-10 साल में एक पैसा भी करप्शन का नहीं मिला
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नई दिल्ली।Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जंतर-मंतर पर आयोजित जनसभा में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। शराब घोटाले के मामले में आरोपमुक्त होने के बाद यह उनका बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है। अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में उनके खिलाफ एक पैसे के भ्रष्टाचार का भी सबूत नहीं मिला। जनसभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। केजरीवाल ने इसे “सत्य की जीत” करार देते हुए न्यायपालिका के फैसले का स्वागत किया।

“देश में डर का माहौल, फिर भी आया धाकड़ फैसला”

अपने भाषण की शुरुआत में केजरीवाल ने कहा, “देश में इस समय डर का माहौल है और उसके बावजूद जज साहब ने देश के हक़ में धाकड़ फैसला सुनाया। इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं।” उन्होंने दावा किया कि अदालत के फैसले ने उनके और उनकी पार्टी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। केजरीवाल ने कहा, “जज साहब ने मोदी जी और भाजपा के झूठ पर तमाचा मारा है और साफ कहा है कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी बेईमान नहीं बल्कि कट्टर ईमानदार हैं।”

“अगर किसी ने कहा पैसे मांगे, तो राजनीति छोड़ दूंगा”

भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीधा जवाब देते हुए केजरीवाल ने खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, “10 साल में एक पैसा भी करप्शन का नहीं मिला। अगर दिल्ली सरकार का कोई कॉन्ट्रैक्टर या कोई वेंडर खड़ा होकर कह दे कि केजरीवाल ने पैसे मांगे, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कई जांचें करवाई गईं, लेकिन कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया। केजरीवाल ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।

“अमेरिका जा सकता था, लेकिन देश में रहने का फैसला किया”

अपने व्यक्तिगत जीवन का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आईआईटी में उनके अच्छे अंक आए थे और उनके कई दोस्त आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए। उन्होंने कहा, “अगर मैं चाहता तो अमेरिका जा सकता था, लेकिन मेरे मन में एक सवाल आया, अगर पढ़े-लिखे लोग देश छोड़ देंगे, तो देश को कौन सुधारेगा? इसलिए मैंने भारत में रहने का फैसला किया।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे “नफरत” क्यों करते हैं, जबकि उन्होंने देश की सेवा का रास्ता चुना।

भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला

केजरीवाल ने अपने भाषण में भाजपा और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो गया है और लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पूरे देश में पेपर लीक हो रहे हैं और ये परीक्षा पर चर्चा की नौटंकी कर रहे हैं।” इसके अलावा उन्होंने गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 30 साल से भाजपा की सरकार है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा, पूरी दुनिया चांद पर पहुंच गई है, लेकिन यहां सड़कें तक ठीक नहीं बन पा रहीं। शहरों की सफाई नहीं हो रही, हवा जहरीली हो चुकी है। मोदी जी, विकसित भारत बाद में बना देना, पहले इसे रहने लायक तो बना दीजिए।

आतिशी का आरोप: “राजनीतिक षड्यंत्र हुआ”

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र रचा। आतिशी ने कहा, “झूठे आरोप लगाकर बिना किसी सबूत के जेल में डाला गया। दिल्ली के लोग भी इस अत्याचार के भुक्तभोगी हैं।” उन्होंने 10,000 बस मार्शलों को नौकरी से निकाले जाने का मुद्दा उठाते हुए इसे अन्याय बताया। आतिशी ने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग “तानाशाही” के खिलाफ आवाज उठाएं।

जनसभा का राजनीतिक महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, जंतर-मंतर की यह जनसभा आम आदमी पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन का अवसर थी। आरोपमुक्त होने के बाद केजरीवाल का यह पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसमें उन्होंने आक्रामक तेवर दिखाए। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह रैली पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और समर्थकों को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

सक्रिय और आक्रामक भूमिका में लौटे

जनसभा के जरिए केजरीवाल ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह राजनीतिक रूप से सक्रिय और आक्रामक भूमिका में लौट आए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को “कट्टर ईमानदार” बताया और भाजपा पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। अब नजर इस बात पर होगी कि आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में किस तरह की राजनीतिक रणनीति अपनाती है और केंद्र सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है। फिलहाल, जंतर-मंतर की यह रैली दिल्ली की राजनीति में नई बहस और सियासी गर्माहट लेकर आई है।


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