Top
Begin typing your search above and press return to search.

भारत में एप्पल ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड, तिमाही में सबसे ज्यादा कमाई: टिम कुक

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि कंपनी ने भारत समेत हर भौगोलिक क्षेत्र में जून-क्वार्टर के रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाए। ये नतीजे सप्लाई चेन में बहुत बड़ी रुकावटों और विदेशी मुद्रा से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद आए।

भारत में एप्पल ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड, तिमाही में सबसे ज्यादा कमाई: टिम कुक
X

नई दिल्ली। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि कंपनी ने भारत समेत हर भौगोलिक क्षेत्र में जून-क्वार्टर के रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाए। ये नतीजे सप्लाई चेन में बहुत बड़ी रुकावटों और विदेशी मुद्रा से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद आए।

एप्पल कंपनी ने 109.4 बिलियन डॉलर का तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 50.1 प्रतिशत रहा, जिसमें टैरिफ रिफंड से लगभग 2 प्रतिशत अंक का फायदा शामिल है।

प्रति शेयर डाइल्यूटेड अर्निंग 2.02 डॉलर रही, जो पिछले साल के मुकाबले 29 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें टैरिफ रिफंड से 0.11 डॉलर का फायदा भी शामिल है।

टिम कुक ने कहा, "हमने हर भौगोलिक क्षेत्र में जून-क्वार्टर के रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाए। हमें अमेरिका, लैटिन अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, भारत, चीन, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया में जून-क्वार्टर के रिकॉर्ड के साथ हर जगह मजबूती देखकर खुशी हुई।"

दुनिया भर में मैक का रेवेन्यू 10.4 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह जून-क्वार्टर का नया रिकॉर्ड है, जिसकी वजह मैकबुक नियो और मैकबुक प्रो की मजबूत बिक्री रही।

एप्पल ने भारत में एक और रिकॉर्ड रेवेन्यू वाला क्वार्टर दर्ज किया, जिसमें मैक का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। इसकी वजह मैकबुक नियो को जबरदस्त बढ़ोतरी और आईफोन 17 सीरीज की लगातार मजबूत मांग थी, जबकि देश में आईफोन की सप्लाई सीमित रही।

एप्पल के सीएफओ केवन पारेख ने कहा, "जैसा कि टिम ने बताया, इस बार मैक का सबसे शानदार तिमाही रहा। दुनिया भर में बहुत सारे नए लोगों ने मैक खरीदा और पुराने यूजर्स ने भी अपग्रेड किया। इसमें अमेरिका, चीन और भारत के ग्राहक भी शामिल हैं।"

इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, एप्पल ने कीमतें ज्यादातर स्थिर रखी हैं, जो मेमोरी की बढ़ती लागत को संभालने की उसकी क्षमता को दिखाता है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, "हमें उम्मीद है कि कैलेंडर वर्ष 2026 के दौरान भारत में वॉल्यूम में सिंगल-डिजिट लेकिन वैल्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ होगी, और आईफोन की कीमत बढ़ने की बहुत ज्यादा संभावना है। इसके बावजूद, ब्रांड का आकर्षण नए यूजर्स को इकोसिस्टम में लाता रहेगा।"

उन्होंने कहा कि कंपोनेंट की बढ़ती लागत एंड्रॉयड इकोसिस्टम में कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर कर रही है। हालांकि, उम्मीद है कि एप्पल अपने मुख्य हार्डवेयर कैटेगरी में इंडस्ट्री से बेहतर प्रदर्शन करेगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it