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बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, 24 घंटे में दूसरी वारदात

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, 24 घंटे में दूसरी वारदात
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बांग्लादेश में हिंदू दुकानदार की हत्या, कट्टरपंथियों पर आरोप

  • ढाका के पास पलाश उपजिला में धारदार हथियारों से हमला, शरत चक्रवर्ती की मौत
  • ईशनिंदा और उगाही के आरोप में हालिया हत्याओं से दहशत का माहौल
  • लगातार हिंसा से भयभीत हिंदू समुदाय ने सुरक्षा की मांग तेज की

नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार 5 जनवरी रात नरसिंगदी जिले के पलाश उपजिला स्थित चोरसिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाने वाले 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि, जिन्हें स्थानीय लोग मोनी चक्रवर्ती भी कहते थे, पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हमला अचानक हुआ और हमलावर फरार हो गए। घटना राजधानी ढाका के निकट होने के कारण और भी चौंकाने वाली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलावर कट्टरपंथी थे और हमला केवल इसलिए किया गया क्योंकि पीड़ित हिंदू थे।

इससे पहले भी हुईं कई वारदातें

पिछले 24 घंटों में यह दूसरी हत्या है। इससे पहले 3 जनवरी को 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर बेरहमी से हमला किया गया था। उन्हें काटने और आग लगाने के बाद उनकी मौत हो गई।

24 दिसंबर को राजबाड़ी शहर के पांग्शा उपजिला में कथित उगाही के आरोप में अमृत मंडल नामक एक हिंदू व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला गया। वहीं, 18 दिसंबर को मैमनसिंह शहर में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को आग के हवाले कर दिया।

प्रवासी मजदूरों के घर में आगजनी

23 दिसंबर को चटगांव के बाहरी इलाके राउजान में अज्ञात लोगों ने कतर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों शुख शिल और अनिल शिल के घर में आग लगा दी। हालांकि, घर में मौजूद लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।

लगातार निशाने पर हिंदू अल्पसंख्यक

इन घटनाओं ने एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही हत्याओं और हमलों से स्थानीय हिंदू परिवारों में भय का माहौल है। समुदाय के लोग प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।


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