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एआई समिट विरोध मामला: दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को नोटिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिब से विरोध प्रदर्शन की योजना, इसमें शामिल व्यक्तियों और संबंधित संगठनों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की जाएगी। जांच उपलब्ध साक्ष्यों और अब तक जुटाए गए तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।

एआई समिट विरोध मामला: दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को नोटिस
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नई दिल्ली। एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें नई दिल्ली स्थित तिलक मार्ग थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिब से विरोध प्रदर्शन की योजना, इसमें शामिल व्यक्तियों और संबंधित संगठनों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की जाएगी। जांच उपलब्ध साक्ष्यों और अब तक जुटाए गए तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।

अचानक नारेबाजी से मचा था हंगामा

दिल्ली पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एआई समिट के दौरान कुछ लोग अचानक कार्यक्रम स्थल के समीप पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए असामान्य तरीके अपनाए, जिससे कुछ समय के लिए आयोजन स्थल के आसपास अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया था। समिट में देश-विदेश से प्रतिनिधियों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई थी। ऐसे में अचानक हुए इस विरोध को पुलिस गंभीरता से ले रही है।

विरोध के पीछे ‘संगठित योजना’ की जांच

पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त था या इसके पीछे पहले से कोई संगठित रणनीति बनाई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच का फोकस यह जानने पर है कि किन संगठनों या व्यक्तियों ने प्रदर्शन की योजना बनाई और क्या इसमें किसी तरह का समन्वित नेटवर्क शामिल था। सूत्रों के मुताबिक, कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों, उनके आपसी संपर्क और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के तरीके को खंगाला जा रहा है।

उदय भानु चिब से क्या पूछे जाएंगे सवाल?

इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को जारी नोटिस को जांच का अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जाएगी कि क्या संगठन स्तर पर इस विरोध की कोई रूपरेखा तैयार की गई थी। साथ ही, यह भी स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि प्रदर्शन में शामिल लोगों का चयन कैसे हुआ और क्या उन्हें किसी विशेष निर्देश के तहत कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया था। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पूछताछ के बिंदुओं का विस्तृत खुलासा नहीं किया है।

ग्वालियर से गिरफ्तारी, परिवार ने उठाए सवाल

इसी क्रम में दिल्ली पुलिस ने जितेंद्र यादव नामक व्यक्ति को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में संदिग्ध भूमिका में था। हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर उसके परिवार ने सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस देर रात उनके घर पहुंची और पर्याप्त जानकारी दिए बिना उसे साथ ले गई। उनका आरोप है कि कार्रवाई पारदर्शी तरीके से नहीं की गई। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

चार प्रदर्शनकारी पहले ही गिरफ्तार

इस मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों की पहचान हो सकती है।

सुरक्षा से समझौता नहीं: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एआई समिट जैसा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील होता है। ऐसे आयोजनों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा में सेंध को गंभीरता से लिया जाता है। पुलिस का कहना है कि विरोध के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने और सार्वजनिक शांति भंग करने से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राजनीतिक और कानूनी असर पर नजर

इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार का हिस्सा है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर आयोजित कार्यक्रम में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन गंभीर मामला है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में संगठित साजिश या सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर बाधा डालने के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई संभव है।

संवेदनशील मामला बना


फिलहाल जांच कई स्तरों पर जारी है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और हिरासत में लिए गए लोगों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। उदय भानु चिब की पूछताछ के बाद मामले में नई दिशा मिल सकती है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आवश्यक होने पर और लोगों को नोटिस या समन जारी किए जा सकते हैं। एआई समिट विरोध प्रकरण अब केवल एक स्थानीय प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सुरक्षा, राजनीति और कानूनी प्रक्रिया तीनों के संगम पर खड़ा एक संवेदनशील मामला बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस प्रकरण की दिशा तय करेंगे।


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