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रायसेन में कृषि महाकुंभ: राजनाथ और मोहन यादव करेंगे उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को मध्य प्रदेश के रायसेन स्थित दशहरा मैदान में राष्ट्रीय स्तर के उन्नत कृषि महोत्सव का उद्घाटन करेंगे

रायसेन में कृषि महाकुंभ: राजनाथ और मोहन यादव करेंगे उद्घाटन
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किसानों का भविष्य बदलने का मंच: प्रयोगशाला से खेत तक की पहल

  • 300 स्टॉल, आधुनिक तकनीक और ड्रोन प्रदर्शन से सजेगा कृषि मेला
  • नितिन गडकरी करेंगे समापन, मिलेगा व्यापक कृषि रोडमैप

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को मध्य प्रदेश के रायसेन स्थित दशहरा मैदान में राष्ट्रीय स्तर के उन्नत कृषि महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित यह महोत्सव शनिवार से सोमवार (11-13 अप्रैल, 2026) तक चलेगा।

तीन दिवसीय इस आयोजन को चौहान ने "कृषि महाकुंभ" बताया है, जिसका उद्देश्य किसानों को "प्रयोगशाला से खेत तक" और "बीज से बाजार तक" की संपूर्ण व्यवस्था एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है। इसमें आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रत्यक्ष प्रदर्शनों और बाजार संपर्कों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में कृषि पद्धतियों में परिवर्तन आएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 13 अप्रैल को समापन सत्र में शामिल होंगे। इस मेले में रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के समान कृषि-जलवायु परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए एक व्यापक कृषि रोडमैप जारी किया जाएगा।

इससे पहले प्रगतिशील किसानों, स्थानीय नागरिकों, अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “रायसेन से कृषि पद्धतियों में परिवर्तन की एक नई लहर शुरू होगी। यह महज़ एक मेला नहीं, बल्कि किसानों का भविष्य बदलने का एक विशाल अवसर है।"

चौहान ने कहा, “ड्रोन, सूक्ष्म सिंचाई, आधुनिक मशीनरी और किसान संगठन (एफपीओ) सहित किसानों से संबंधित सभी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी।”

प्रदर्शनी में उन्नत बीज, ड्रोन, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, आधुनिक कृषि मशीनरी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, किसान-उत्पादक संगठन (एफपीओ), प्राकृतिक खेती और ग्रामीण आजीविका पहलों से संबंधित लगभग 300 स्टॉल होंगे।

आईसीएआर, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, एनएएफईडी, उर्वरक और बीज कंपनियां, एमएसएमई और स्टार्टअप सहित प्रमुख संगठन भाग लेंगे।

तीनों दिन चलने वाली इस प्रदर्शनी में किसान विषय-विशिष्ट सेमिनार, व्यावहारिक प्रशिक्षण, सटीक खेती, हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, एकीकृत कीट और पोषक तत्व प्रबंधन, फसल कटाई के बाद की तकनीक और ड्रोन आधारित छिड़काव जैसे विषयों पर लाइव प्रदर्शन का लाभ उठा सकेंगे।

दलहन और तिलहन की उत्पादकता बढ़ाने, फसल बीमा और डिजिटल कृषि पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। अन्य आकर्षणों में मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल, डेयरी, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन पर इकाइयाँ, बीज मिनी-किट का वितरण और मौके पर ही शिकायत निवारण और बीमा सुविधाएं शामिल हैं।


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