LPG के बाद अब हवाई सफर पर महंगाई का झटका
टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने 12 मार्च से घरेलू मार्गों पर टिकट पर 399 रुपये ईंधन शुल्क लगाने की घोषणा की है

12 मार्च से महंगे होंगे Air India के टिकट
- Air India ने लगाया 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज
- विदेशी उड़ानों पर भी बढ़ा ईंधन शुल्क, यात्रियों की जेब पर असर
- पश्चिम एशिया संकट से बढ़ा विमान ईंधन, एयरलाइंस ने बढ़ाया चार्ज
नई दिल्ली। टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने 12 मार्च से घरेलू मार्गों पर टिकट पर 399 रुपये ईंधन शुल्क लगाने की घोषणा की है।
कंपनी की मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि भारतीय समय के अनुसार 12 मार्च की तारीख से बुक कराये गये टिकटो पर घरेलू मार्गों पर 399 रुपये का ईंधन शुल्क लगेगा। फिलहाल इन मार्गों पर कोई ईंधन शुल्क नहीं है।
एयरलाइंस ने बताया है कि सभी मार्गों पर तीन चरणों में बढ़ा हुआ ईंधन शुल्क लागू किया जायेगा। पहले चरण के तहत 12 मार्च से घरेलू मार्गों के अलावा दक्षेस के देशों के लिए जाने वाली उड़ानों पर भी 399 रुपये का ईंधन शुल्क लगाया जायेगा।
वहीं, पश्चिम एशिया की उड़ानों पर ईंधन शून्य से बढ़कर 10 डॉलर किया जायेगा। दक्षिण पूर्व एशिया की उड़ानों पर ईंधन शुल्क में 20 डॉलर की बढ़ोतरी कर इसे 60 डॉलर कर दिया जायेगा। अफ्रीका को जाने वाली उड़ानों में अब 90 डॉलर का ईंधन शुल्क लगेगा जो पहले 60 डॉलर था।
दूसरे चरण के तहत 18 मार्च से यूरोप, उत्तरी अमेरिका तथा ऑस्ट्रेलिया को जाने वाली उड़ानों पर ईंधन शुल्क बढ़ाया जायेगा। यूरोप की उड़ानों पर प्रति टिकट ईंधन शुल्क 100 डॉलर से बढ़ाकर 125 डॉलर किया जायेगा जबकि उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए इसे 150 डॉलर से बढ़कर 200 डॉलर किया जायेगा।
तीसरे चरण में सुदूर पूर्व के देश हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया को शामिल किया गया है। हालांकि इसके लिए तारीख या ईंधन शुल्क में होने वाली बढ़ोतरी के बारे में जानकारी बाद में देने की बात कही गयी है।
ईंधन चुल्की में बढ़ोतरी तय तारीख से पहले बुक कराये गये टिकटों पर लागू नहीं होगी।
एयर इंडिया ने बताया कि पिछले कुछ समय में पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमान ईंधन के मूल्य में तेज बढ़ोतरी हुई है। इस साल मार्च से विमान ईंधन महंगा हो गया है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विमान सेवा कंपनियों के कुल व्यय में 40 प्रतिशत खर्च विमान ईंधन के मद में होता है। इसे देखते हुए ईंधन शुल्क बढ़ाना जरूरी हो गया था।


