Top
Begin typing your search above and press return to search.

दिल्ली के उद्यमियों को तोहफा: बिना गारंटी मिलेगा 10 करोड़ तक का लोन

राष्ट्रीय राजधानी में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ी नीतिगत पहल की है

दिल्ली के उद्यमियों को तोहफा: बिना गारंटी मिलेगा 10 करोड़ तक का लोन
X

सीएम रेखा गुप्ता की बड़ी पहल: MSME के लिए सरकार-गारंटीड क्रेडिट योजना शुरू

  • दिल्ली में कारोबारियों के लिए क्रेडिट क्रांति, आसान लोन से बढ़ेगा रोजगार
  • महिला और नए उद्यमियों के लिए खुशखबरी: दिल्ली सरकार देगी बिना गारंटी लोन
  • दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना लॉन्च: छोटे कारोबारियों को मिलेगा बड़ा सहारा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ी नीतिगत पहल की है। दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली सरकार और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के बीच दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना के कार्यान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य लघु उद्यमियों के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौती, यानी बैंक क्रेडिट तक पहुंच की समस्या को हल करना है, ताकि वे बिना किसी गारंटी या सुरक्षा के लोन प्राप्त कर सकें। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल न सिर्फ उद्यमियों के लिए पूंजी तक पहुंच को आसान बनाएगी, बल्कि बैंकों द्वारा उठाए जाने वाले जोखिम को भी काफी कम करेगी, जिससे उन्हें बिना किसी झिझक के छोटे व्यवसायों को लोन देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना दिल्ली के कारोबारी माहौल में सुधार करेगी, नवाचार को बढ़ावा देगी, रोजगार पैदा करेगी और अधिक समावेशी शहरी अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगी।

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सीजीटीएमएसई सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए बिना गारंटी वाले क्रेडिट की सुविधा प्रदान करने वाली एक विश्वसनीय राष्ट्रीय संस्था के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लाखों युवा विनिर्माण, सेवाओं और संबद्ध क्षेत्रों में स्टार्ट-अप और उद्यम शुरू करना चाहते हैं, लेकिन अक्सर वित्तीय सहायता की कमी के कारण संघर्ष करते हैं। इस एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद ऐसे उद्यमी अब बिना किसी गारंटी के 10 करोड़ रुपए तक का लोन प्राप्त कर सकेंगे।

सीएम रेखा गुप्ता ने योजना के परिचालन विवरण के बारे में बताते हुए कहा कि दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना के तहत लोन गारंटी की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार और सीजीटीएमएसई द्वारा संयुक्त रूप से साझा की जाएगी। कुल लोन राशि में से सीजीटीएमएसई 75 से 90 प्रतिशत की गारंटी कवर देगा, जबकि बाकी हिस्सा दिल्ली सरकार सिक्योर करेगी। इसके परिणामस्वरूप बैंकों द्वारा दिए गए 95 प्रतिशत तक लोन की गारंटी सरकार देगी, जिससे बैंकों का रिस्क सिर्फ 5 प्रतिशत रह जाएगा और वे छोटे व्यवसायों को ज्यादा भरोसे के साथ लोन दे पाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि यह योजना मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, रिटेल, शिक्षा और स्किल-ट्रेनिंग संस्थानों सहित कई सेक्टर को कवर करेगी। इस मकसद के लिए 50 करोड़ रुपए का एक खास फंड बनाया गया है। इस सीमित फंड का इस्तेमाल करके बैंक लगभग 2,500 करोड़ रुपए तक का लोन दे पाएंगे। जरूरत पड़ने पर भविष्य में इस फंड को बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस योजना को 50:1 के लीवरेज रेशियो के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिसका मतलब है कि 2 करोड़ रुपए के निवेश से 100 करोड़ रुपए तक का लोन मिल सकता है। यह पक्का करने के लिए कि सरकार का वित्तीय जोखिम सीमित रहे, 10 प्रतिशत की एनपीए लिमिट भी तय की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का शुरुआती लक्ष्य इस योजना के तहत एक लाख लाभार्थियों तक पहुंचना है। हालांकि, सीजीटीएमएसई ने साफ किया है कि लाभार्थियों की संख्या पर कोई लिमिट नहीं होगी। दिल्ली में कोई भी पात्र लघु उद्यमी जो योजना के मानदंडों को पूरा करता है, वह दिल्ली सरकार की गारंटी वाले लोन का फायदा उठा पाएगा।

सीएम रेखा गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि एमओयू से सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के आसानी से क्रेडिट मिल पाएगा। पहली बार उद्यमी बनने वालों और महिला उद्यमियों को उद्यमिता गतिविधि में ज्यादा भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष सहायता दी जाएगी। उम्मीद है कि इस पहल से रोजगार के नए मौके पैदा होंगे और दिल्ली में एक मजबूत और टिकाऊ एमएसई इकोसिस्टम बनेगा।

उन्होंने कहा कि सीजीटीएमएसई और दिल्ली सरकार के बीच यह सहयोग राजधानी में समावेशी आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने का एक बड़ा मौका है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा हो सकता है जब दिल्ली एक विकसित शहर बने, और यह योजना उस दिशा में एक मजबूत नींव रखती है।

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस पहल को दिल्ली के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना दिल्ली में लगभग दस लाख एमएसएमई के ​​लिए एक बड़ा ढांचागत सुधार है, जिसमें 200,000 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक बैंकिंग तरीके जैसे कि बहुत ज्यादा दस्तावेज, प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात और गारंटी की जरूरतें लंबे समय से क्रेडिट तक पहुंच में बाधा रही हैं, खासकर महिला उद्यमियों के लिए। इन चुनौतियों का सामना करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने एक निर्णायक कदम उठाया है। 10 करोड़ रुपए तक के बिना गारंटी वाले लोन के प्रावधान को गेम-चेंजर बताते हुए सिरसा ने साफ किया कि सरकार का मकसद सिर्फ क्रेडिट देना नहीं है, बल्कि एमएसएमई को बड़े पैमाने पर निवेश और लंबे समय के विस्तार के लिए मजबूत बनाना है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it