Top
Begin typing your search above and press return to search.

दिल्ली : कैश इंसेंटिव के जरिए 5 लाख ई-वाहनों के पंजीयन का लक्ष्य

 दिल्ली में पंजीकृत कुल 1.10 लाख से अधिक वाहनों में से लगभग 83,000 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। इनमें भी अधिकांश ई-रिक्शा हैं

दिल्ली : कैश इंसेंटिव के जरिए 5 लाख ई-वाहनों के पंजीयन का लक्ष्य
X

नई दिल्ली। दिल्ली में पंजीकृत कुल 1.10 लाख से अधिक वाहनों में से लगभग 83,000 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। इनमें भी अधिकांश ई-रिक्शा हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में दिल्ली में कम से कम 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन को पंजीकृत करना है। इसके लिए सरकार लोगों को इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करेगी। हालांकि फिलहाल दिल्ली में केवल 900 के आसपास निजी इलेक्ट्रिक कारें और लगभग 3,700 ई-टू-व्हीलर्स ही हैं।

इस वर्ष अप्रैल से लेकर सितंबर तक दिल्ली में अभी तक 2629 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं। इनमें 297 मोटर साइकिल व स्कूटर हैं। 67 कैब और 80 इलेक्ट्रिक कारें भी इस दौरान खरीदी गई हैं। इन वाहनों की खरीद बिना सब्सिडी लिए ही की है।

दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में दिल्ली में कम से कम 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन को पंजीकृत करना है। इसके लिए सरकार लोगों को इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करेगी।

दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए सरकार जहां एक ओर इन वाहनों पर सब्सिडी दे रही है वहीं दूसरी ओर आधुनिक सुविधाओं से लैस सार्वजनिक चार्जिग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें एक साथ चार वाहनों को 45 से 90 मिनट तक चार्ज किया जा सकता है। इसमें एसयूवी, महिंद्रा, हुंडई, कोना इत्यादि हैवी ड्यूटी वाहनों की भी चार्जिग हो सकती है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को कहा, "ई वाहन चार्जिग स्टेशनों की स्थापना के लिए चार्जिग स्टेशनों को चलाने, रखरखाव और अपग्रेड करने के लिए ऊर्जा ऑपरेटर को नियुक्त करने के लिए एक केंद्रीकृत निविदा प्रणाली को अपनाया जाएगा। सार्वजनिक ईवी चार्जिग स्टेशनों की स्थापना के लिए भूमि प्रदाता एजेंसियों को भूमि प्रदान करनी होगी।

परिवहन मंत्री गहलोत के मुताबिक, दिल्ली शहर में चार्जिग स्टेशन स्थापित करने के लिए एक राज्य-वार निविदा को एकीकृत की जाएगी। इसके साथ ही, डीटीएल और दिल्ली डिस्कॉम निविदा प्रक्रिया की प्राथमिकता के लिए साइटों की पहचान करने के लिए भूमि पार्सल का एक संयुक्त सर्वेक्षण भी करेंगे।

ईवी चार्जिग सुविधा का प्रारंभिक शुल्क सीमित अवधि के लिए 10.50 रुपये प्रति यूनिट होगा, जो वर्तमान ऑपरेटिंग ईवी पब्लिक चार्जिग टैरिफ में सबसे कम है। अगले 1 वर्ष के भीतर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 200 चार्जिग स्टेशन बनाए जाएंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए टू व्हीलर, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा व मॉल वाहक वाहन खरीदने पर 30 हजार रुपये तक और कार पर 1.5 लाख रुपये तक इंसेंटिव मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों पर पंजीकरण शुल्क व रोड टैक्स भी नहीं लगेगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it