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दिल्ली: बिजली कंपनियों के 8 सालों के अकाउंट की कैग ऑडिट

दिल्ली सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल की शह में अफसरों द्वारा चुनी हुई दिल्ली सरकार को फ्री बिजली की फाइल नहीं दिखाई जा रही है

दिल्ली: बिजली कंपनियों के 8 सालों के अकाउंट की कैग ऑडिट
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल की शह में अफसरों द्वारा चुनी हुई दिल्ली सरकार को फ्री बिजली की फाइल नहीं दिखाई जा रही है। आनन-फानन में बिजली कंपनियों के बोर्ड में सरकार द्वारा लगाए गए विशेषज्ञों को हटाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार का कहना है कि इसका पता लगाने के लिए अब सीएम अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली की सभी बिजली कंपनियों के पिछले 8 सालों के अकाउंट की कैग के ऑडिटर से स्पेशल ऑडिट की जाएगी।

दिल्ली सरकार के मुताबिक दिल्ली के लोगों को केजरीवाल सरकार द्वारा मिल रही फ्री बिजली की योजना को रोकने के लिए बहुत बड़ी साजिश रची जा रही है।

दिल्ली विधानसभा में सोमवार को बिजली मंत्री आतिशी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञ देश के सबसे अच्छे चार्टेड अकाउंटेंट्स को बिजली कंपनियों के बोर्ड से क्यों हटाया गया। क्या एलजी और अधिकारी बिजली कंपनियों से सांठगांठ कर कोई बड़ी साजिश कर रहे है। दिल्ली की चुनी हुई सरकार को फ्री बिजली से जुड़ी फाइल क्यों नहीं दिखाई जा रही है। क्या एलजी की शह में अधिकारीयों की बिजली कंपनियों से कोई सांठगांठ है। क्या एलजी और अधिकारियों की बिजली कंपनियों से कोई सांठ-गांठ है। इसका पता लगाने के लिए स्पेशल ऑडिट करवाई जाएगी।

बिजली मंत्री आतिशी ने कहा कि बिजली कंपनियों की स्पेशल ऑडिट से दिल्ली को लोगों को केजरीवाल सरकार द्वारा दी जा रही फ्री बिजली को रोकने की साजिशों का पदार्फांश होगा। स्पेशल ऑडिट से साफ होगा कि बिजली कंपनियों को फ्री बिजली के लिए जो पैसे दिए गए सांठ-गांठ कर कही जनता के उन पैसों का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

बिजली मंत्री ने कहा कि दिल्ली में फ्री बिजली से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं, वो बेहद गंभीर सवाल उठाते हैं। 15 दिन बीतने के बाद भी एलजी दफ्तर से फ्री बिजली के संबंध में जो फाइल निकली वो अबतक मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री या कैबिनेट तक नहीं पहुंची है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि दिल्ली वालों को मिल रही फ्री बिजली को रोकने के लिए जरुर कोई बड़ी साजिश की जा रही है। अगर ऐसा नहीं होता तो इतनी महत्वपूर्ण फाइल को मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री और कैबिनेट से क्यों छुपाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एलजी और उनके शह में अफसरों ने दिल्ली सरकार द्वारा बिजली कंपनियों के बोर्ड में लगाए गए विशेषज्ञों को दिसंबर महीने में एडी-चोटी का जोर लगाकर हटा दिया गया, जबकि सरकार द्वारा इस बोर्ड में पॉलिसी एक्सपर्ट्स, बिजली के क्षेत्र के एक्सपर्ट्स, देश के बेस्ट सीए लगाए गए। ऐसे में एलजी के निर्देश पर इन एक्सपर्ट्स को बोर्ड से हटाया गया। ये सभी तथ्य जाहिर कर रहे हैं कि जरुर कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि अब ये सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या एलजी साहब की बिजली कंपनियों कंपनियों से कोई सांठगांठ है, क्या उनकी शह में दिल्ली सरकार के अफसरों, मुख्य सचिव, बिजली सचिव की बिजली कंपनियों कंपनियों से कोई सांठगांठ ही जिसकी वजह से महत्वपूर्ण फाइल को चुनी सरकार से छुपाया जा रहा है, क्या इसी सांठगांठ की वजह से चुनी हुई सरकार द्वारा बोर्ड में लगाये गए एक्सपर्ट्स को आनन-फानन में हटाया गया।


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