Top
Begin typing your search above and press return to search.

दिल्ली में न्यूनतम तापमान में गिरावट ,ठंड का प्रकोप

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आज प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया

दिल्ली में न्यूनतम तापमान में गिरावट ,ठंड का प्रकोप
X

नई दिल्ली। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आज प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। वहीं, तापमान हल्के सुधार के साथ 4.6 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया। कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर 'गंभीर से अधिक' श्रेणी में है। कई इलाकों में कणिका तत्व (पीएम)10 सुरक्षित मानक दर स्तरों से परे रहा।

मौसम विभाग ने कहा, "कुल मिलाकर दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर से अधिक खतरनाक स्तर पर है और मंगलवार तकइसकी गंभीर श्रेणी में ही रहने की उम्मीद है।"

वायु गुणवत्ता, मौसम पूवार्नुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) के मुताबिक, इसके बाद प्रदूषण का स्तर 'सबसे खराब' स्तर पर आ सकता है।

एजेंसी ने प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने का कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट बताया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सोमवार के न्यूनतम तापमान में रविवार के 3.7 डिग्री सेल्सियस (पिछले चार वर्षों में दिसंबर में अब तक का सबसे ठंडा) के मुकाबले थोड़ा सुधार होकर 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में तीन डिग्री की गिरावट का अनुमान जताया है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार, कई इलाकों में कणिका तत्व (पीएम) 10 दर्ज हुआ।

आनंद विहार में पीएम10 व पीएम2.5 की मात्रा 1,186 व 953 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर थी ,जो सबसे अधिक प्रदूषित रहा। इसके बाद वजीरपुर में पीएम10 व पीएम2.5 की मात्रा 1,055 और 727 थी।

पीएम10 के लिए सुरक्षित मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है जबकि पीएम2.5 के लिए यह 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।

इसके अतिरिक्त आर.के.पुरम में पीएम10 की मात्रा 903, मुंडका में 826, द्वारका सेक्टर 8 में 824, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 714 और जहांगीरपुरी में 781 रही।

प्रदूषकों के बिखराव के कारण भी गैसीय कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में भी वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों ने सुबह की सैर से लेकर सभी बाहरी शारीरिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है।

एक विशेषज्ञ ने कहा, "किसी विशेष स्थिति में बाहर निकलने के दौरान प्रदूषकों से सुरक्षा के लिए धूल से बचाव वाले मास्क पर निर्भर न रहें। इसके बजाय एन-95 या पी-100 श्वासयंत्र का ही उपयोग करें।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it