डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का हो बेहतर उपयोग और उचित प्रबंधन
डीडीए के सभी स्पोर्टस काम्पलेक्स में युवाओं को गुणवत्ता पूर्ण कोचिंग के माध्यम से तैयार किया जाना चाहिए और खेल परिसरों के उपयोग, अधिकतम उपयोग पर कार्य होना चाहिए

नई दिल्ली। डीडीए के सभी स्पोर्टस काम्पलेक्स में युवाओं को गुणवत्ता पूर्ण कोचिंग के माध्यम से तैयार किया जाना चाहिए और खेल परिसरों के उपयोग, अधिकतम उपयोग पर कार्य होना चाहिए। क्योंकि कुछ स्पोर्टस काम्पलैक्स से प्राप्त रिपोर्ट बताती है कि इस सुविधा का अधिकतम उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसिद्ध खिलाड़ी और कोच को स्पोटर््स मैनेजमैंट बोर्ड में शामिल करना चाहिए साथ ही स्पोर्टस काम्पलैक्स की संख्या जिसमें टहलने के रास्ते, ओपन जिम आदि बढ़ाए जाने चाहिए।
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आज राजनिवास में डीडीए के खेल प्रबंधन बोर्ड के कामकाज की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए साथ ही कहा कि पारालिम्पिक एथलिट्स की खेल जरूरतों को पूरा करने के लिए समर्पित स्पोर्टस काम्पलेक्स विकसित किए जाएं और तीरंदाजी, फुटबाल इत्यादि जैसे खेलों की सुविधा बढ़ाई जाए ताकि इनका लाभ बच्चों को मिल सके।
उपराज्यपाल ने डीडीए के अधिकारियों को विशिष्ट दिशा निर्देशों को निर्धारित करने के निर्देश दिए ताकि खेल परिसरों में बुनियादी सुरक्षा प्रक्रिया स्पष्ट रूप से रेखांकित की जा सके।
बैठक में उपाध्यक्षए डीडीए उदय प्रताप सिंह, अभियंता सदस्य, डीडीए वित्त सदस्य, डीडीए आयुक्त खेल आदि मौजूद थे।
वर्ष 1989 में गठित स्पोटर््स मैनेजमैंट बोर्ड दिल्ली में खेल के बुनियादी ढ़ांचे के पर्यवेक्षण, योजना और विकास के साथ-साथ स्पोर्ट्स काम्पलेक्स के प्रबंधन, स्पोर्टस फील्ड और डीडीए द्वारा विकसित मल्टी जिम के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।


