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सांस्कृतिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा यूपी के ब्रज क्षेत्र को: चौधरी

 उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र को सांस्कृतिक पर्यटन से जोड़कर राज्य सरकार ब्रजभूमि की सांस्कृतिक धरोहर का सदुपयोग करेगी और पर्यटन के नये आयाम विकसित किए जाएंगे। 

सांस्कृतिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा यूपी के ब्रज क्षेत्र को: चौधरी
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मथुरा। उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र को सांस्कृतिक पर्यटन से जोड़कर राज्य सरकार ब्रजभूमि की सांस्कृतिक धरोहर का सदुपयोग करेगी और पर्यटन के नये आयाम विकसित किए जाएंगे।

प्रदेश के संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि इसके लिए विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए टूरिस्ट एजेंसियों के कार्यक्रम में मथुरा संग्रहालय के भ्रमण को जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश के संस्कृति सचिव को इस दिशा में प्रयास करने लिए निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है, संस्कृति को पर्यटन से जोड़ा जाये ताकि लोगों को रोजगार मिल सके।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में हाल में बरसाना में सम्पन्न हुए होली महोत्सव में जिन बम्बों (नगाड़ों) का प्रयोग किया गया उनकी मांग होने लगी है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के बाद ही फैजाबाद यूनिवर्सिटी के कुलपति का फोन उनके पास आया था जिसमें उन्होंने यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस के लिए बम्बों की मांग की थी तथा बाद में जिसमें 15 नगाड़ों को भेजा गया था। नगाड़ों के वहां भेजने से रोजगार के अवसर खुले हैं।

संस्कृति मंत्री का कहना है कि संस्कृति के प्रचार प्रसार से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा। मथुरा के जिलाधिकारी से भी कहा गया है कि वे ब्रज में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की भ्रमण सूची में गोवर्धन, गोकुल, वृन्दावन,बरसाना, नन्दगांव ,राधाकुंड, बलदेव के साथ साथ राजकीय संग्रहालय को भी शामिल करें।

चौधरी ने कहा कि देश में पर्यटन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का विशिष्ट स्थान है। यहां राम, कृष्ण की जन्मभूमि और बुद्ध की तपस्थली है तो यहां के राजकीय संग्रहालय का एक अनुपम स्थान है। इसमें रखी मूर्तियां पूरे विश्व में मशहूर हैं इसी कारण विदेशी अतिथियों को जब कोई भेंट दी जाती है तो उसमें मथुरा संग्रहालय की मूर्तियों की झलक मिलती है।

उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि की खुदाई में निकली कलाकृतियां बताती हैं कि ब्रजभूमि प्रेम का संदेश देने के साथ साथ कलाकृतियों में सर्वोपरि है।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से यूपी में मथुरा का विशिष्ट स्थान है। गीता का संदेश देनेवाले श्रीकृष्ण ब्रजभूमि में ही पैदा हुए।

संगीत के महत्व को श्रीकृष्ण ने ही दर्शाया था। आज भी ब्रजभूमि में श्रीकृष्ण, उनके सखा एवं राधारानी की क्रीड़ाओं एवं प्रेम के जीवन्त चिन्ह विद्यमान हैं जो पर्यटकों के लिए मनोहारी बन सकते हैं।

चौधरी ने कहा कि ब्रज का इतिहास रहा है कि उसने आसुरी शक्तियों को मिटाने में मदद की। कंस के वध से लेकर महाराजा सूरजमल का साथ देने और फिर अंग्रेजों के शासन को हटाने में ब्रजवासियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उनका कहना था कि पिछली सरकारों ने यहां की सांस्कृतिक धरोहर का सदुपयोग करने का प्रयास नहीं किया वरना आगरा जाने वाला पर्यटक यहां अवश्य रूकता और युवकों को रोजगार का अवसर मिला होता। वर्तमान सरकार ब्रजभूमि की सांस्कृतिक धरोहर का सदुपयोग कर पर्यटन के नये आयाम विकसित करेगी।

चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी द्वारा गोवर्धन, राधाकुंड, नन्दगांव, गोकुल एव बलदेव को तीर्थस्थल घोषित करने से जहां इन स्थानों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ जाएंगी वही कानून व्यवस्था की स्थिति और बेहतर हो जाएगी जिससे इन क्षेत्रों में मौजूद सांस्कृतिक धरोहर को और उजागर करने में मदद मिलेगी1 इसके परिणाम स्वरूप अंतर्राष्टीय पर्यटन को नये पंख लगाएगा और रोजगार के नये अवसर मुहैया कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बरसाना और वृन्दावन को पहले ही तीर्थस्थल घोषित कर चुके हैं।


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