नए संसद भवन में पूरे भारत की सांस्कृतिक झलक : धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि नये संसद भवन में पूरे भारत की सांस्कृतिक झलक है और कुछ लोगों को भारत की उन्नति पच नहीं रही है

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को कहा कि नये संसद भवन में पूरे भारत की सांस्कृतिक झलक है और कुछ लोगों को भारत की उन्नति पच नहीं रही है।
श्री धनखड़ ने उपराष्ट्रपति निवास में भारतीय रक्षा संपदा सेवा (आईडीईएस) के अधिकारी प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत करते हुए कहा कि देश के अंदर और बाहर के लोग हमें जांचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मूल्यांकन की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि उनका मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुछ हिस्सों में नए भारत का उदय पच नहीं रहा है, क्योंकि भारत दुनिया की शांति, स्थिरता और सद्भाव में विश्वास करता है।
उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका राष्ट्र के प्रति अच्छा व्यवहार नहीं है। वे भारतीय संस्थानों को कलंकित करते हैं और जमीनी हकीकत को देखने के लिए एकतरफा और अदूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “यह कहना कि भारत का उत्थान नहीं हो रहा है, जमीनी हकीकत को नज़रअंदाज़ करना है। हमारी वृद्धि आंकड़ों में, लोगों की संतुष्टि और उनके जीवन की बेहतरी में दिखाई देती है।"
हाल ही में उद्घाटन किए गए संसद के नए भवन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी सुविधाओं से लैस यह विशाल भवन महज ढाई साल के रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने कहा, "उस इमारत के भीतर सब कुछ तैयार है और नए संसद भवन में देश की पूरी संस्कृति झलकती है।"


