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आपराधिक प्रकरण छिपाया, फर्जी जाति प्रमाण पत्र से लड़ा चुनाव

कोरबा ! नामांकन पत्र में आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाने के साथ ही पिछड़ा वर्ग से होने का फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चुनाव लडऩे व निर्वाचित होने वाले

आपराधिक प्रकरण छिपाया, फर्जी जाति प्रमाण पत्र से लड़ा चुनाव
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वार्ड 23 के पार्षद अब्दुल रहमान का निर्वाचन शून्य घोषित
कोरबा ! नामांकन पत्र में आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाने के साथ ही पिछड़ा वर्ग से होने का फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चुनाव लडऩे व निर्वाचित होने वाले पार्षद अब्दुल रहमान का निर्वाचन जिला न्यायालय ने शून्य घोषित किया है।
अधिवक्ता व नगर पालिक निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 23 पार्षद अब्दुल रहमान पिता मो. सुलेमान 40 वर्ष, निवासी मकान नंबर एम.आई.जी. 156,पंडित रविशंकर शुक्ल नगर के खिलाफ रविशंकर नगर निवासी नूतन राजवाड़े पिता स्व. एच.एस. राजवाड़े ने जिला न्यायालय में याचिका दाखिल कर निर्वाचन को चुनौती दी थी। निर्वाचन याचिका धारा 441 छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत वाद प्रस्तुत किया गया था कि अन्यपिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड क्रं. 23 के पार्षद पद हेतु दाखिल किये गये नामांकन के साथ शपथ पत्र में प्रत्याशी अब्दुल रहमान ने उसके विरूद्ध लंबित आपराधिक प्रकरण के संबंध में जानकारी ’’निरंक’’ दिया था जबकि सत्र प्रकरण क्रं. 46/2009 धारा- 147, 149, 307, 294, 506 बी. भादस जो उसके विरूद्ध सत्र न्यायालय कोरबा में लंबित था।
इसी तरह तहसीलदार कोरबा से जो जाति प्रमाण पत्र पिछड़ा वर्ग का प्राप्त कर नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्न किया, उक्त जाति प्रमाण पत्र राजस्व प्रकरण क्रमांक- 7052 बी. 121/2013-14 के मामले में अब्दुल रहमान के पक्ष में जारी नहीं किया गया बल्कि उक्त राजस्व प्रकरण में किसी अब्दुल रफीक खान नामक व्यक्ति के द्वारा अपनी संतान मुर्शरत आफरीन के नाम पर निवास प्रमाण पत्र एवं अब्दुल रफीक खान के नाम पर आमदनी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दर्ज किया गया था। इस प्रकार अब्दुल रहमान के द्वारा शपथ पत्र में अपराध छिपाते हुए फर्जी एवं कूटरचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर निर्वाचन में भाग लेकर वार्ड क्रं. 23 निर्वाचित घोषित हुआ। दायर याचिका पर जिला न्यायाधीश जीके मिश्रा ने फैसला देते हुए निर्वाचन को शून्य घेाषित किया है, इसके साथ ही वार्ड क्रं. 23 का पार्षद पद रिक्त माना जावेगा। राजस्व पंजी संधारण में अनियमितता, प्रधान पाठिका व दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की अनुसंशा इस प्रकरण में विचारण के दौरान न्यायालय ने पाया है कि अब्दुल रहमान के द्वारा जो जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया उस प्रमाण पत्र के आधार पर वह पिछड़ा वर्ग की श्रेणी का उम्मीद्वार होना प्रमाणित नहीं होता है। जिला न्यायाधीश ने पाया कि तहसीलदार कोरबा के न्यायालय में राजस्व पंजी के संधारण में काफी अनियमितता बरती गयी है। कई क्रमांक ऐसे हंै जिसमें किसी पक्षकार का नाम दर्ज नहीं है। इससे यह स्पष्ट होता है कि तहसील न्यायालय कोरबा के द्वारा इसी तरह से कई मामलों में गलत तरीके से दस्तावेज व प्रमाण पत्र तैयार किये गये होंगे। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय एनसीडीसी सुभाष ब्लाक की प्रधान पाठिका श्रीमती कैलाश कौर के द्वारा प्रस्तुत दाखिल खरिज पंजी की मूल प्रति जो क्रमांक 1494 से संभवत: 2346 तक का है औ काफी जर्जर अवस्था में है जिसके कारण इसके द्वितीय प्रति तैयार करना बताया गया परन्तु मूल पंजी के द्वितीय पंजी के प्रति में आवेदन व शपथ पत्र के आधार पर बाद में की गयी प्रविष्ठि को देखते हुए अपने आदेश में जिला न्यायाधीश ने यह अनुसंशा की है कि जिला कलेक्टर, संबंधित राजस्व अधिकारी व उनके मातहत अन्य दोषी कर्मचारियों, प्रधान पाठिका श्रीमती कैलाश कौर के विरूद्ध जांच किया जाकर कड़ी कार्यवाही करें, जिससे भविष्य में राजस्व पंजी का संधारण उचित रूप से किया जाये व दाखिल खारिज पंजी इत्यादि में कूटरचना कर उसका अनुचित लाभ कोई प्राप्त न कर सके।
अब तक 4 पार्षदों का निर्वाचन शून्य
कोरबा जिले के इतिहास में यह पहली बार है कि निर्वाचित 4 पार्षदों का निर्वाचन न्यायालय ने दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शून्य घोषित किया हो। सबसे पहले मोतीसागर पारा वार्ड की पार्षद बबिता वाल्मिकी का निर्वाचन जाति प्रमाण पत्र की वजह से शून्य हुआ। बालको क्षेत्र के पार्षद कृपा राम साहू द्वारा झूठा शपथ पत्र दिये जाने और गजरा बांकीमोंगरा के पार्षद सुधार साय का निर्वाचन भी नामांकन के दौरान जमा शपथपत्र में बकाया बिजली बिल का उल्लेख नहीं करने के कारण न्यायालय द्वारा शून्य किया गया। अब्दुल रहमान चौथे पार्षद हैं जिनका निर्वाचन शून्य हुआ है।


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