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एसीजेएम न्यायालय कर सकती है राज ठाकरे पर कड़ी कार्रवाई

गाजियाबाद ! महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा वर्ष 2012 में उत्तर भारतीयों पर की गई विवादास्पद टिप्पणी मामले में एसीजेएम द्वितीय की न्यायालय 24 बार राज ठाकरे के

एसीजेएम न्यायालय कर सकती है राज ठाकरे पर कड़ी कार्रवाई
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गाजियाबाद ! महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा वर्ष 2012 में उत्तर भारतीयों पर की गई विवादास्पद टिप्पणी मामले में एसीजेएम द्वितीय की न्यायालय 24 बार राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है लेकिन वह आज तक न्यायालय में पेश नहीं हुए हैं। इस संबंध में वर्ष 2012 में राज ठाकरे के खिलाफ एक अधिवक्ता ने न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वर्ष 2012 में महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर भारतीयों को घुसपैठिए कहा था और उन्होंने बयान दिया था कि उत्तर भारतीय महाराष्ट्र छोडक़र अपने प्रदेश लौट जाएं। इस बयान को लेकर खूब राजनीति हुई थी और मामला लंबे समय तक गर्माया था। राज ठाकरे के इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता देवलाल प्रसाद ने वर्ष 2012 में एसीजेएम द्वितीय की न्यायालय में राज ठाकरे के खिलाफ अर्जी दाखिल की थी। न्यायालय ने इस अर्जी को स्वीकार करते हुए राज ठाकरे के खिलाफ समन जारी किया था और उन्हें न्यायालय में तलब किया था लेकिन वह न्यायालय में पेश नहीं हुए। तब से अब तक न्यायालय राज ठाकरे के खिलाफ 24 बार गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है लेकिन वह न्यायालय में पेश नहीं हुए है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक अब कोर्ट इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर सकती है। न्यायालय ने 24 बार वारंट जारी किए हैं। इस मामले में वारंट की तामील हुए हैं या नहीं संबंध में महाराष्ट्र पुलिस से कंप्लाइंस रिपोर्ट तलब की जा सकती है, यदि वारंट तामील नहीं हुए हैं तो पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, यदि वारंट तामील हो गए हैं और राज ठाकरे न्यायालय में पेश नहीं हो रहे हैं तो उनके खिलाफ कोर्ट संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई कर सकती है।
- रामअवतार गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, गाजियाबाद।


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