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दिल्ली विधानसभा में कोरोना वारियर्स मेमोरियल और अंग्रेजों के जमाने का फांसी घर

दिल्ली विधानसभा परिसर में कोरोना वारियर्स मेमोरियल बनाया गया है

दिल्ली विधानसभा में कोरोना वारियर्स मेमोरियल और अंग्रेजों के जमाने का फांसी घर
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा परिसर में कोरोना वारियर्स मेमोरियल बनाया गया है। इसके साथ ही यहां अंग्रेजों के जमाने के फांसी घर को पुनर्निर्मित किया गया है। दिल्ली में अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद करने वाले 31 कोरोना वारियर्स का यह मेमोरियल बनाया गया है। विधानसभा में आने वाले लोग इसे देखकर याद करेंगे कि इन कोरोना वारियर्स ने दूसरों के लिए अपनी जान गंवा दी। यहां ब्रिटिश काल में बनाए गए फांसी घर का भी पुनर्निर्निमाण किया गया है। इसका उद्देश्य आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर उन लोगों को याद करने है, जिन्होंने आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह फांसी घर अंग्रेजों के जमाने का है। यह विधानसभा भी काफी पुरानी है। यह अंग्रेजों के जमाने का स्ट्रक्च र है। किसी को पता नहीं था कि यहां पर फांसी घर है। सिर्फ लोग कहते थे कि यहां एक फांसी घर है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसी ने ताला तोड़कर उसके अंदर जाने की हिम्मत नहीं की। विधानसभा अध्यक्ष ने ताला तुड़वाया और अंदर गए तब देखा कि किस तरह से एक साथ दो लोगों को फांसी देने का सिस्टम बना हुआ है। एक बार तो देखकर दिल दहल जाता है। आप जब कल्पना करने की कोशिश करते हैं कि किस तरह से हमारे वीरों को फांसी दी जाती होगी, तो बड़ी घबराहट सी होती है।

आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उस खुली हवा को देने के लिए कितने अनगिनत लोगों ने अपनी जान कुर्बान कर दी। एक फांसी घर तो यहां है। ऐसे ही देश भर में पता नहीं कितने फांसी घर होंगे, जहां पर अनगिनत लोगों को फांसी पर लटकाया गया, तब हम लोगों को आजादी मिली। आज आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर उन सब लोगों को भी याद करने का मौका है, जिन लोगों ने हमें आजादी दिलाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। हमारा फर्ज बनता है कि हम सब लोग मिलकर ऐसा भारत बनाएं, जो अपनी शहादत देने वाले लोगों का सपना था।

कोरोना वारियर्स मेमोरियल को लेकर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि हर वर्ष 9 अगस्त को हम, अपनी शहादत देने वाले कोरोना वारियर्स को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए विधानसभा परिसर में इकट्ठा हुआ करेंगे।

वहीं सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले करीब ढाई साल से हम सब लोग कोरोना की मार से जूझ रहे हैं। शायद मानव इतिहास में यह सबसे मुश्किल बीमारी आई थी। कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस बीच में कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने का काम किया। यह लोग अलग-अलग अस्पताल में और महकमें में तैनात थे। जब सबसे ज्यादा मुश्किल दौर था, उस वक्त इन लोगों ने अपनी जान की परवाह किए लोगों की मदद की। ऐसे 31 लोगों का दिल्ली विधानसभा परिसर में एक मेमोरियल बनाया गया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक शायद पूरे देश और पूरी दुनिया के अंदर दिल्ली अकेला राज्य है, जहां इस तरह का काम किया गया। आज उन कोरोना वारियर्स के सम्मान में एक मेमोरियल बनाया गया।


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