मप्र के मजदूरों को दक्षिणी राज्यों से लाने के प्रयास जारी रखें : शिवराज
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए एहतियाती कदमों के चलते आवाजाही पर रोक है।

भोपाल | कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए एहतियाती कदमों के चलते आवाजाही पर रोक है। इसी के चलते कई राज्यों में मध्य प्रदेश के मजदूर फंसे हुए हैं। दक्षिण भारत के कई राज्यों से ऐसे मजदूरों की वापसी के प्रयास सरकार की ओर से जारी हैं। कथित तौर पर वहां से मजदूूरों को भेजा नहीं जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सोमवार को कोरोना की स्थिति की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के प्रयासों को जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "दक्षिण के कुछ राज्यों से श्रमिकों को मप्र न भेजे जाने की स्थिति में पुन: प्रयास किए जाएं। जिन राज्यों से मध्य प्रदेश के श्रमिक वापस लाने की व्यवस्था हो गई है उनके समुचित खानपान और घरों तक भेजने की व्यवस्था की जाए।"
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, "किसी भी क्षेत्र में बाहरी लोगों को बिना स्क्रीनिंग के न आने दिया जाए। ऐसा न हो कि संक्रमित व्यक्ति कैरियर बनकर उन क्षेत्रों में घूमे जहां रोग का कोई प्रभाव नहीं है। किसी भी स्थिति में वायरस के स्प्रेड होने की स्थितियां नहीं बननी चाहिए। जिन क्षेत्रों में सर्वे किया गया है और वह क्षेत्र कोरोना प्रभावित नहीं है तो वहां निरंतर यह कार्य जारी रखा जाए। नए संक्रमण के क्षेत्र सामने नहीं आने चाहिए।"
इस बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कोरोना से निपटने के लिए किए जा रहे इंतजामों का ब्यौरा रखा। वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरेाना के मरीजों का ब्यौरा दिया।


