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बंगलादेश की मंजूरी के बाद गोमती में अस्थाई जेटी का निर्माण : मंडाविया

केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंसुख मंडाविया ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव को बताया कि गोमती नदी में अस्थाई जेटी के निर्माण के प्रस्ताव का परीक्षण कर लिया

बंगलादेश की मंजूरी के बाद गोमती में अस्थाई जेटी का निर्माण : मंडाविया
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अगरतला । केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंसुख मंडाविया ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव को बताया कि गोमती नदी में अस्थाई जेटी के निर्माण के प्रस्ताव का परीक्षण कर लिया है तथा इसे बंगालादेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

मंडाविया ने देव को मंगलवार को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी दी। इससे पहले देव ने 20 जून को मंडाविया को पत्र लिखकर भारत-बंगलादेश प्रोटोकोल मार्ग (आईबीपी) के तहत गोमती नदी में त्रिपुरा के सोनामुरा से बंगलादेश के दाउदकांडी के बीच अस्थाई जेटी के निर्माण का अनुरोध किया था।

त्रिपुरा के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर इस मामले का परीक्षण किया तथा भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण से भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा,“भारत और बंगलादेश की संयुक्त तकनीकी समिति की सिफारिशों के मद्देनजर हमने ढाका स्थित उच्चायुक्त के जरिये बंगलादेश सरकार से मार्ग को शामिल करने के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन प्राप्त करने का अनुरोध किया है।”

मंडाविया के मुताबिक आईबीपी जलमार्ग के हिस्से के तौर पर सोनामुरा-दाउदकांडी मार्ग के शामिल होने के बाद ही गोमती नदी में त्रिपुरा से भारत और बंगलादेश के बीच जहाजों के आवागमन को मंजूरी मिल सकेगी। लेकिन इसके लिए बंगलादेश सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही सोनामुरा में जेटी या टर्मिनल का निर्माण शुरू हो पाएगा।

देव ने मांडविया के अलावा इस जलमार्ग के निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत की है। त्रिपुरा सरकार के प्रधान सचिव (परिवहन) ने कहा कि त्रिपुरा और बंगलादेश के बीच इस जलमार्ग परियोजना के लिए 2483 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय को भेजा गया है।


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