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नाजी यातना शिविर से मिला एन फ्रैंक से जुड़ा पेंडेंट

वर्साव (पोलैंड) ! पोलैंड के सोबिबोर में नाजियों द्वारा बनाए गए यातना शिविर से पुरातत्वविदों ने एक पेंडेंट पाया है,

नाजी यातना शिविर से मिला एन फ्रैंक से जुड़ा पेंडेंट
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वर्साव (पोलैंड) ! पोलैंड के सोबिबोर में नाजियों द्वारा बनाए गए यातना शिविर से पुरातत्वविदों ने एक पेंडेंट पाया है, जिसका संबंध नाजियों की यातना के दौरान लिखी अपनी डायरी से प्रख्यात हुईं किशोरी एन फ्रैंक से माना जा रहा है। समाचार पत्र 'इंडिपेंडेंट' में सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, तीन सितारों और ईश्वर के प्रारंभिक नाम चित्रित इस पेंडेंट को नाजियों की यातना से मरीं यहूदी किशोरी कैरोलीन कोहन का माना जा रहा है।

ऐसा माना जाता है कि सिर्फ एक बार इस तरह के त्रिकोणीय पेंडेंट का चलन चला था।

अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि दोनों लड़कियां एक ही परिवार की सदस्य रही होंगी या एकदूसरे की सहेली रही होंगी। अनुसंधानकर्ताओं ने दोनों किशोरियों के इस समय मौजूद परिवार वालों से आगे आने का अनुरोध भी किया है।

सोबिबोर यातना गृह में 2.5 लाख यहूदियों की हत्या की गई थी। हालांकि एन फ्रैंक की मौत 1945 में उत्तरी जर्मनी के बर्जेन बेलसेन यातना शिविर में हुई थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मिले पेंडेंट में कैरोलीन के जन्म का वर्ष और उनके जन्म का स्थान फ्रैंकफुर्ट अंकित है। एन फ्रैंक का जन्म फ्रैंकफुर्ट में 1929 में हुआ था।

इजरायल का पुरावशेष विभाग याद वशेम के साथ 2007 से नाजियों के यातना पर अनुसंधान के उद्देश्य से सोबिबोर यातना गृह की खुदाई कर रहा है।

अक्टूबर, 1943 में विद्रोह के बाद इस यातना शिविर को ध्वस्त कर दिया गया था और नाजियों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए यातना शिविर की जगह को समतल कर वहां वृक्ष लगा दिए थे।


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