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सबरीमाला पर सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस-भाजपा ने किया बहिर्गमन

केरल में कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने आज सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर विचार के लिए बुलाई

सबरीमाला पर सर्वदलीय बैठक से कांग्रेस-भाजपा ने किया बहिर्गमन
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तिरुवनंतपुरम । केरल में कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने आज सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर विचार के लिए बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक से बहिर्गमन किया।

केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने शीर्ष अदालत के फैसले को लेकर गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलायी थी। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भगवान अयप्पा के मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दिये गए उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने के एजेंडे के साथ बैठक बुलाई थी।

सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए और समय की मांग को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करने को तैयार नहीं है। इस मामले को उच्चतम न्यायालय ने गत मंगलवार को 22 जनवरी तक के लिए टाल दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस विवादित मुद्दे को लेकर कानूनी विकल्प तलाशने के लिए भी तैयार नहीं है।

केरल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष श्रीधरन पिल्लई ने आरोप लगाया कि श्री विजनय ने लोकंतांत्रिक ढांचे में जानबूझकर अपना एजेंडा लागू करने के लिए बैठक बुलाई थी।
उन्होंने बताया कि भगवान अय्यप्पा मंदिर के दस्तूर तथा परंपराओं को खत्म करने के सरकार के फैसले के खिलाफ भाजपा ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) इस मुद्दे पर शुक्रवार को होने वाली बैठक का भी बहिष्कार करेगा।

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से इस मुद्दे पर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा श्रद्धालुओं के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी तरह से समस्या उत्पन्न करने की कोशिश करने वाले लोगों को पवित्र जगह से दूर रहना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई की मंदिर आने की योजना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर जरूरी कदम उठाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार उच्चतम न्यायालय के मंगलवार के फैसले पर कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने के बाद सरकार इस मुद्दे पर उचित निर्णय लेगी।

राज्य के देवास्वोम मंत्री कदकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने की जिम्मेदारी सरकार की है।

उन्होंने बताया सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का अध्ययन कर रही है और कानूनी विशेषज्ञों से राय लेने के बाद उचित कदम उठाया जा सकता है।

उच्चतम न्यायालय द्वारा 28 सितंबर के फैसले पर रोक नहीं लगाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले का पालन करेगी। दो महीने तक चलने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए मंदिर 16 नवंबर को पांच बजे खुलेगा।

उल्लेखनीय है कि विजयन ने सबरीमाला मंदिर में हर वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को लेकर उच्चतम न्यायालय के 28 सितंबर के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई 22 जनवरी तक टालने के मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।

इस बैठक का मकसद मंगलवार को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक नहीं लगाने के बाद उच्चतम न्यायालय के पूर्ववर्ती फैसले को लागू करने को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच सहमति बनाना था।


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