सांची विवि भारत की आत्मा को जागृत करने के लिएबधाई का पात्र: कैलाश सत्यार्थी
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने आज मध्यप्रदेश के रायसेन जिले स्थित सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवादित किया
सांची । नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने आज मध्यप्रदेश के रायसेन जिले स्थित सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि भारत की आत्मा को जाग्रत करने के लिए ये विश्वविद्यालय बधाई का पात्र है।
विश्वविद्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मानव तस्करी और यौन शोषण के खिलाफ जारी भारत यात्रा के दौरान यहां पहुंचे सत्यार्थी ने कहा कि कहा कि आत्मशक्ति, नैतिकता और सच्चाई का बल संख्या बल से ज्यादा ताकतवर होता है और सांची विश्वविद्यालय भारत की आत्मा को जागृत करने का कार्य कर रहा है जिसके लिए विवि को बधाई दी जाना चाहिए।
छात्रों के आग्रह पर 'वर्तमान परिप्रेक्ष्य में करुणा, दया और बालक' विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अनैतिकता और यौन हिंसा की बढ़ती महामारी देश के सामाजिक मूल्यों को खोखला कर रही जिसके खिलाफ खड़े होने का वक्त आ गया है। भारत यात्रा के उद्देश्य को बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें डर छोड़कर अभय बनना होगा और इसीलिए उन्होने बच्चों, लड़कियों और अबलाओं की सुरक्षा के लिए संपूर्ण महायुद्ध छेड़ा है।
उन्होने सभी छात्रों एवं मौजूद लोगों को संकल्प दिलाते हुए सभी के अंदर बैठे बाल शोषण, बाल हिंसा और अनाचार रुपी राक्षस के वध का आव्हान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष औऱ विवि के कुलपति प्रो यज्नेश्वर शास्त्री ने श्री सत्यार्थी का स्वागत करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का राष्ट्र संत करार दिया।


