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मप्र में ऑटो का संचालन कलर कोड के हिसाब से परमिट के आधार पर ऑटो रिक्शा में कलर कोडिंग की जाएगी

प्रदेश में अब सभी प्रकार के ऑटो का संचालन कलर कोड के हिसाब से होगा

मप्र में ऑटो का संचालन कलर कोड के हिसाब से परमिट के आधार पर ऑटो रिक्शा में कलर कोडिंग की जाएगी
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भोपाल। प्रदेश में अब सभी प्रकार के ऑटो का संचालन कलर कोड के हिसाब से होगा। यह कलर कोड उस क्षेत्र के परमिट के हिसाब से निर्धारित किया जाएगा। शहरी तथा गैर शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग परमिट जारी होंगे। परमिट के आधार पर ऑटो रिक्शा में कलर कोडिंग की जाएगी।

प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक एवं सीएनजी ऑटो रिक्शा के लिए पीला हुड और ग्रीन बॉडी तथा पेट्रोल एवं डीजल से संचालित ऑटो रिक्शा के लिए पीला हुड और काली बॉडी रहेगी। जबकि शहर के अलावा अन्य क्षेत्रों में संचालित ऑटो रिक्शा के लिए पीला हुड और लाल बाडी निर्धारित की गई है।

ऑटो रिक्शा में 3 से अधिक यात्री बैठाने पर परमिट रद्द कर दिया जाएगा। बता दे कि विगत दिनों हाई कोर्ट के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में की गई चालानी कार्रवाई के दरमियान ऑटो चालक परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत से मिले थे। ऑटो चालक संघ ने मंत्री राजपूत से परमिट सिस्टम बनाए जाने का अनुरोध किया था, जिस पर राजपूत ने जल्द ही इस संबंध में नीति बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे।

आरटीओ तय करेंगे ऑटो संचालन का क्षेत्र

कलेक्टर, ई-रिक्शा के संचालन के लिए नगरीय जनसंख्या के आधार पर क्षेत्र एवं मार्ग को प्रतिबंधित कर सकेंगे। जबकि आरटीओ द्वारा शहरी तथा गैर शहरी क्षेत्र में ऑटो रिक्शा के संचालन के लिए क्षेत्र एवं मार्ग का निर्धारण किया जाएगा। सड़क सुरक्षा समिति की सलाह पर ऑटो रिक्शा स्टेण्ड का चिन्हांकन किया जाएगा।

परमिट और पंजीयन में मिलेगी 10 प्रतिशत की छूट

न्यू सीएनजी ऑटो पंजीयन एवं परमिट में 10 प्रतिशत की छूट तथा 10 साल पुराने ऑटो को सीएनजी में परिवर्तित कराने में स्थाई परमिट में 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा वाहन स्वामी ऑटो रिक्शा या ई-रिक्शा में किसी तरह का मोडिफिकेशन नहीं करा सकेगा।


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