सोनिया गांधी ने मांगा सबका साथ, क्या बनेगी बात
निया गांधी ने साफ कह दिया कि…पार्टी केवल एकता के साथ ही चलेगा

कांग्रेस में जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है…जब से मिशन उत्तर प्रदश से सोनिया गांधी ने बागियों को बाहर किया है…तब से नेताओं के तेवर और तल्ख हो गए हैं…कांग्रेस के नेताओं ने आलाकमान को खत लिखा है…जिस के बाद सियासत तेज हो गई है…लेकिन मोर्चा संभालते हुए सोनिया गांधी ने साफ कह दिया कि…पार्टी केवल एकता के साथ ही चलेगा…यानी साफ है कि सबका साथ, तभी बनेगी बात.कांग्रेस के 23 नेताओं के चिट्ठी लिखने के बाद कांग्रेस में ऐसा घमासान छिड़ा कि वर्किंग कमेटी की बैठक में नेता ही आमने-सामने आ गए…जहां एक तरफ राहुल और प्रियंका जमकर बरसे तो वहीं दूसरी तरफ दिग्गजों ने भी दम भरा…हालांकि बाद में विवाद धीरे-धीरे शांत होता चला गया…लेकिन चिट्ठी पर चिंता अब भी बरकरार है…इसीलिए मिशन उत्तर प्रदेश को लेकर सोनिया गांधी ने अभी से बगावत करने वालों को किनारे करना शुरू कर दिया है…उन्होंने राजबब्बर, जतिन प्रसाद को 7 नई समितियों में शामिल नहीं किया है…इसके बाद एक बार फिर लेटर लिखने का सिलसिला शुरू हो गया है…उत्तर प्रदेश से एक और लेटर सामने आया है. ये चिट्ठी सोनिया गांधी को उन नौ लोगों ने लिखी है, जिनको अभी कुछ महीने पहले ही पार्टी से निष्कासित किया गया था. चिट्ठी लिखने वालों में एक सदस्य हैं, पूर्व एमएलसी एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व चेयरमैन सिराज मेंहदी.उन्होंने कहा कि 'हम लोगों ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है. जिसमें उनसे परिवारवाद को भूलकर, कांग्रेसवाद को आगे बढ़ाने की बात कही गई है….सिराज मेंहदी ने कहा कि हमने कांग्रेस आलाकमान से कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कही है.अगर कांग्रेस ही नहीं बचेगी तो परिवारवाद कहां से चलेगा? इसीलिए हम लोगों ने गुजारिश की है कि सोनिया गांधी, पहले कांग्रेस पार्टी को मजबूत करें. जो कांग्रेस बंटी हुई है, उसे एक करें…वहीं नेताओं की चिट्ठी के बाद खुले तौर पर तो सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि सोनिया ने बगावत करने वाले नेताओं को सख्त संदेश दिया है…उन्होंने कहा कि पार्टी केवल एकता के साथ ही चलेगा…अगर नेताओं की कुछ समस्याएं हैं, तो उन्हें सुलझा लिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस को तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा…कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस संदेश से संकेत मिल रहे हैं…एक बार फिर अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद वो पार्टी को मजबूत बनाने के लिए पूरी जी जान से काम कर रही हैं…अब देखना होगा कि क्या उनकी मेहनत कांग्रेस को मुकाम तक पहुंचा पाएगी…


