खेल-खेल में बच्चे सीखेंगे साइबर सुरक्षा के तरीके
डिजिटल युग में हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्ट फोन है, इसी फोन में लोगों के अति महत्वपूर्ण गजेट भी जुड़े हैं

- विशाल धर दुबे
ग्रेटर नोएडा। डिजिटल युग में हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्ट फोन है, इसी फोन में लोगों के अति महत्वपूर्ण गजेट भी जुड़े हैं, डिजिटल पेमेन्ट के दौर में लोगों का बैंक अकाउंट अब उनके हाथ में है।
बढ़ती भाग दौड़ की जिन्दगी में लोगों से कब कोई गलती हो जाय उसी की ताक में हैकर बैठे हैं, अगर आपसे एक छोटी सी गलती हो जाय तो आपका बैंक अकाउंट साफ हो सकता है। इसके लिए जरुरी है घर के बड़ों के साथ बच्चों के भी जागरुक होने के लिए। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में चल रहे यूनेस्को इंडिया अफ्रीका हैकथान में सौ टीमें विभिन्न समस्याओं के साधान के लिए 36 घंटे तक काम किया।
बच्चों में साइबर सिक्योरिटी के प्रति जागरुक करने के लिए एक्वम टीम एक एप्लिकेशन तैयार कर रहा है, ताकि बच्चों को गेम के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी के प्रति जागरुक किया जा सके। इस एप्प के लिए 4 से 16 वर्ष के बच्चों के टारगेट किया गया है। बच्चों को इस बात की जानकारी मिलेगी की मोबाइल फोन पर आने वाले ओटीपी नहीं बताना है, किस गलती से लोग साइबर हैकर का शिकार बन जाते हैं।
इस टीम में भारतीय टीम में अदिति गुप्ता, अशुता गुप्ता, शुभ सारस्वत, सर्वेश और इक्वेटोरियल गिनी के बेनेडिक्टो इलियास शामिल हैं। इनके मेन्टर प्रशांत झा और अनुज शर्मा हैं।


