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टैक्सियों में चाइल्ड लॉक से महिलाओं के साथ अपराध की संभावना अधिक

दिल्ली महिला आयोग ने कैब में चाइल्ड लॉक होने की वजह से महिला यात्रियों के साथ अपराध की सम्भावना को लेकर संज्ञान लेते हुए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था

टैक्सियों में चाइल्ड लॉक से महिलाओं के साथ अपराध की संभावना अधिक
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नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग ने कैब में चाइल्ड लॉक होने की वजह से महिला यात्रियों के साथ अपराध की सम्भावना को लेकर मीडिया में आई रिपोर्ट पर स्वत संज्ञान लेते हुए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद का कहना था कि यदि कोई महिला यात्री कैब में यात्रा कर रही है और कैब ड्राइवर कैब का चाइल्ड लॉक लगा दे तो महिला यात्री कैब का पीछे का दरवाजा नहीं खोल सकती है और इससे उसके साथ अपराध की सम्भावना बढ़ जाती है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने ट्रासंपोर्ट डिपार्टमेंट से अनुशंसा की थी कि कैब में चाइल्ड लॉक को लेकर डिपार्टमेंट गाइडलाइंस जारी करे और चाइल्ड लॉक को कैब्स से हटाया जाए। इसके अलावा एक अन्य सुझाव यह था कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट सभी कैब्स में पिछली सीट के पास और पिछले दरवाजे पर स्टीकर लगवाये। इन स्टीकर के जरिये लोगो को आगाह किया जाए कि यात्री अपनी यात्रा शुरु करने से पहले चाइल्ड लॉक अनलॉक कर लें।

लेकिन ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से जवाब न मिलने पर आयोग ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आला अधिकारियों को सम्मन जारी किया। सम्मन जारी होने के बाद ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के स्पेशल कमिश्नर आयोग की चेयरपर्सन के समक्ष पेश हुए और जवाब दाखिल किया।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के स्पेशनल कमिश्नर ने जवाब में बताया कि चाइल्ड लॉक गाड़ियों में एक सेफ्टी फीचर से जुड़ा मसला है जो केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली महिला आयोग द्वारा कैब्स में चाइल्ड लॉक हटवाने के मुद्दे को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के समक्ष अलग से उठाया जाएगा।


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