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मुख्य सचिव से मारपीट मामला, दो एफआईआर दर्ज, आईएएस एसोसिएशन ने निकाला कैंडल मार्च

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशू प्रकाश के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर बदसुलूकी का मामले में दिल्ली पुलिस ने आप विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

मुख्य सचिव से मारपीट मामला, दो एफआईआर दर्ज, आईएएस एसोसिएशन ने निकाला कैंडल मार्च
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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्य सचिव अंशू प्रकाश के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर बदसुलूकी का मामले में दिल्ली पुलिस ने आप विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जबकि आप विधायक प्रकाश जरवाल ने मुख्य सचिव पर जातिसूचक शब्द बोलने का आरोप लगाया है। मुख्य सचिव ने दर्ज करवाए मामले में बताया है कि केजरीवाल की मौजूदगी में उनके सरकारी निवास पर कल देर रात आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने अंशू प्रकाश के साथ बदसुलूकी और हाथापाई की। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन आरोपों को निराधार बताकर खारिज किया है।

अंशू प्रकाश को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अप्रकाशित विज्ञापनों के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए रात 12 बजे अपने आवास पर बुलाया था। लेकिन आप विधायक प्रकाश जरवाल ने कहा कि उन्हें राशन वितरण में खामियों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था। बैठक के दौरान केजरीवाल ने कहा कि विज्ञापन पर विधायकों के सवालों का जवाब दें। इस पर दो-तीन आप विधायकों ने उनके साथ जोर-जोर से बोलने के साथ ही हाथापाई शुरू कर दी। सोफे पर विधायकों के बीच में बैठे मुख्य सचिव इस अप्रत्याशित हमले से संभलते कि उनका चश्मा गिर कर टूट गया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद मुख्य सचिव ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की और उन्हें घटना की जानकारी दी। देर शाम तक मामले में पुलिस ने विधायक के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने धारा 186,353, 323, 342, 504, 506(2) और 120-बी तथा धारा-34 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

इन धाराओं के तहत सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट, काम में बाधा डालने और कर्मचारी को बंधक बनाने को लेकर मामले दर्ज किए गए हैं।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पूरे मामले पर लीपापोती करते हुए कहा कि अधिकारी अफसर जवाब नहीं देंगे तो बहस होगी ही।

आईएएस अधिकारी संघ ने इसके बाद ही उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की और उनके सामने यह मुद्दा उठाया। डीएन सिंह ने कहा, हम मुख्य सचिव के साथ हैं और जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता काम पर नहीं लौटेंगे और तुरंत प्रभाव से हड़ताल पर जा रहे हैं।

श्री सिंह ने कहा कि उपराज्यपाल अनिल बैजल से इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। यह संवैधानिक संकट जैसा है और ऐसी घटना पिछले कुछ वर्षों में नहीं देखी गई। दिल्ली प्रशासनिक अधीनस्थ सेवाओं (डीएएसएस) के अधिकारियों ने प्रकाश के साथ विधायकों की बदसुलूकी के विरोध में काम नहीं करने का ऐलान कर दिया।

मुख्य सचिव ने इस मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की और राजनाथ सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि न्याय किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने इस मारपीट को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल से रपट मांगी है।

केंद्र के उपराज्यपाल से रिपोर्ट तलब करने के बाद आईएएस एसोसिएशन की सचिव मनीषा सक्सेना ने उपराज्यपाल के पास इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई और देर शाम आईएएस एसोसिएशन ने राजघाट तक कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

आईएएस एसोसिएशन मांग की है कि मुख्य सचिव के साथ हाथापाई करने वाले विधायकों को गिरफ्तार किया जाए व दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को बर्खास्त किया जाए।

एसोसिएशन के महासचिव दीपक भारद्वाज ने कहा कि वे सभी इसी वक्त से हड़ताल पर जा रहे हैं और जब तक आरोपी विधायक मुख्य सचिव से माफी नहीं मांग लेते और वे उन्हें माफ नहीं कर देते तब तक काम पर वापस नहीं लौटेंगे। इसके साथ ही मुख्य सचिव के साथ दुर्व्यवहार को लेकर दिल्ली सचिवालय के कर्मचारियों ने भी खूब हंगामा किया।

सचिवालय में मौजूद विधायक अमानतुल्ला खान को घेरकर कर्मचारियों ने नारेबाजी की व सचिवालय स्टाफ ने आम आदमी पार्टी नेता आशीष खेतान का भी घेराव किया, हालात इतने उग्र हो गए कि पुलिस को बीचबचाव करना पड़ा। जबकि खेतान ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई।

पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि उनके साथ धक्का मुक्की की गई, लिफ्ट में बंदी बना लिया गया। मेरे स्टाफ से मारपीट की गई व मोाबइल भी छीन लिया गया।

श्री हुसैन ने भी इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन थाने में शिकायत दीजिस पर बाद में एफआईआर दर्ज कर ली गई। जबकि देश भर के कई राज्यों के अधिकारियों ने दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए उन्हें समर्थन दिया है।

एक और आईएएस ने लगाया था 2017 में सिसोदिया पर धमकी देने का आरोप

सूचना एवं प्रचार निदेशक जयदेवी सारंगी ने अपने पत्र में कहा है कि 28 नवम्बर 2017 को मुख्य सचिव की मौजूदगी में जब डेंगू से संबंधित विज्ञापन छपवाने व देश भर में छपवाने की बात कही तो अधिकारियों ने बताया किदेश भर में प्रकाशन पर सीएजी ने आपत्तियां जताई हैं। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में मामले के विचाराधीन होने का हवाला दिया। इस पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा-''सारंगी मैं तुम्हारा जीना हराम कर दूंगा।’’इसके बाद ही जयदेव सारंगी ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री से अपनी सुरक्षा क ी बाबत ध्यान दिलाते हुए पूरे मामले को संज्ञान में दिलाया था। जबकि इससे पहले अश्वनी कुमार, अनिंदो मजूमदार, शकुंतला गैमलिन, लॉ अधिकारी मनीष सहित कई अधिकारियों ने अपने साथ बदसुलूकी अथवा अपमानजनक व्यवहार की शिकायत की थी।


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