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सातवें वेतन आयोग पर मुख्यमंत्री ने दिए आदेश

 सातवें वेतन आयोग के नाम पर कई प्राइवेट स्कूलों ने अनाप शनाप फीस बढ़ाते हुए अभिभावकों को नोटिस भेज दिए

सातवें वेतन आयोग पर मुख्यमंत्री ने दिए आदेश
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नई दिल्ली। सातवें वेतन आयोग के नाम पर कई प्राइवेट स्कूलों ने अनाप शनाप फीस बढ़ाते हुए अभिभावकों को नोटिस भेज दिए। अभिभावकों ने जहां इस बाबत दिल्ली सरकार के मंत्रियों, मुख्यमंत्री के ट्विटर पर ट्वीट किए व व्यक्तिगत रूप से शिकायतें की, तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले जांच कमेटी बनाई और आज बैठक केे बाद दो टूक कहा है कि अभी कोई वृद्घि नहीं होगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा है कि स्कूल इस वृद्घि को रोके अन्यथा सरकार कड़े फैसले लेने से हिचकिचाएगी नहीं।
मुख्यमंत्री ने इस बाबत बुलाई गई बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि फीस वृद्घि को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं और मामले की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को परेशान न करें अन्यथा सरकार इन स्कूलों के खिलाफ कड़े फैसले लेने में जरा भी हिचकिचाएगी नहीं।

शिक्षा मंत्री व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्पष्टï तौर पर कहा कि चेतावनी देता हूं कि स्कूल शिक्षा का कार्य करें, व्यवसायीकरण न करें। कई स्कूलों द्वारा फीस जमा करवाने की तारीख निर्धारित करने पर उन्होंने कहा कि यदि स्कूल ऐसा कुछ करते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों, अभिभावकों को तंग न करें अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि एक-एक स्कूल को जांचेंगे और अगले सप्ताह तक पूरी कार्य योजना तय कर लेंगे कि इसे मुद्दे पर आगे कैसे व क्या-क्या करना है।

उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा है कि स्कूल बच्चों व अभिभावकों को परेशान नहीं कर सकते हैं। वहीं, इस बैठक में मौजूद एक विधायक ने भी बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों के सामने अधिकारियों से कहा है कि स्कूलों द्वारा जब तक सभी खातों की जांच नहीं करवाई जाती है, तब तक फीस वृद्घि नहीं होगी। इसलिए जिन अभिभावकों को नोटिस भेजे गए हैं, उन्हें अगले आदेश तक फीस देने से तुरंत रोका जाए।

बता दें कि पिछले दिनों शिक्षा निदेशालय द्वारा सातवें वेतन आयोग के नाम पर मंजूरी का मामला सामने आने पर भी यह मुद्दा उछला था, लेकिन अब स्कूलों ने सरकार के शिक्षा निदेशालय की मंजूरी से इस वृद्घि को सही ठहराते हुए अभिभावकों से वसूली के नोटिस भेजे हैं।


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