छत्तीसगढ़: कुम्भ के श्रद्धालुओं के लिए छत्तीसगढ़ से स्पेशल बसें
छत्तीसगढ़ का पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक पर्व कुम्भ में स्नान के लिए पत्थलगांव, अम्बिकापुर से श्रद्धालुओं को लेकर प्रति दिन दर्जन भर से अधिक बसें जा रही

पत्थलगांव। छत्तीसगढ़ का पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक पर्व कुम्भ में स्नान के लिए पत्थलगांव, अम्बिकापुर से श्रद्धालुओं को लेकर प्रति दिन दर्जन भर से अधिक बसें जा रही हैं।
मकर संक्रांति के मौके पर जशपुर, सरगुजा, रायगढ़ और कोरबा जिलों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर निजी बस मालिकों ने स्पेशल बसे चलाई हैं।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम के इस कुम्भ मेले से लौट कर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि वे इस बार प्रयागराज कुम्भ मेले में साधु महात्मा और सभी श्रध्दालुओं को आस्था की डुबकी लगाने के लिए यहां अविरलता के साथ निर्मल गंगा जल मिलने से मिनटों में लम्बा सफर की थकान दूर हो जा रही है।
जशपुर जिले के कुनकुरी से प्रयागराज कुम्भ में अपने परिजनों के साथ स्नान करने पहुंचे अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आद्याशंकर त्रिपाठी ने आज बताया कि देश और दुनिया में प्रयागराज कुम्भ का अच्छा संदेश देने की खातिर यहां सरकार ने ‘एक स्वच्छ कुम्भ - एक सुरक्षित कुम्भ’ की थीम पर काम किया गया है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सकारात्मक सोच के बाद भव्य और दिव्य कुम्भ का सुखद अहसास हो रहा है।
यही वजह है कि प्रयागराज कुम्भ में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए दुनिया के कोने कोने से श्रद्धालु खिंचे चले आ रहे हैं। उन्होने बताया कि प्रयागराज कुम्भ मेला में लोगों की आस्था का समुचित सम्मान करने का प्रयास किया जा रहा है।


