छत्तीसगढ़ : कांग्रेस का भाजपा पर चिटफंड का आरोप
20 लाख निवेशक परिवारों व एक लाख एजेंटों से पांच करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हो गई तथा 57 लोगों की जानें चली गईं

रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के संरक्षण में पांच हजार करोड रूपए के ‘चिटफंड घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर इस पूरे प्रकरण की जांच करवाकर दोषियों को सजा दिलवायेंगी।
सुरजेवाला ने आज यहां प्रेस कान्फ्रेंस में आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में छत्तीसगढ़ में 161 से अधिक चिटफंड कंपनियों ने एक करोड़ लोगो की खून पसीने की कमाई और जमापूंजी सब गबन कर ली।
300 से अधिक एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी तक में एक व्यक्ति को भी फूटी कौड़ी वापस नहीं मिली।
उन्होने इस घोटाले में राज्य सरकार की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह,उनके सांसद पुत्र,उनकी पत्नी,राज्य सरकार के मंत्री,सांसद व प्रदेश के आला अधिकारी ‘रोजगार मेलों’ के माध्यम से इन चिटफंड कंपनियों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सीधे तौर से शामिल हुए।
सरकार द्वारा बाकायदा इन कार्यक्रमों के निमंत्रण दिए गए।इससे लोगो को लगा कि सरकार इन चिटफंड कंपनियों की साझेदार है और जीवन की सारी कमाई इन घोटालों और गड़बड़झालों में लुटा दी।
सुरजेवाला ने रोजगार मेलों में बांटे गए निमंत्रण पत्रों के मुख्य अतिथियों का ब्योरा देते हुए आरोप लगाया कि कई चिटफंड कम्पनियों के कुछ दफ्तरों को शिकायतों के बाद सील किया गया और बाद में तहसीलदार,थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर उनकी सील खोल दी गई।
उन्होने कहा कि 2009 से 2014 तक सेबी एवं केन्द्र सरकार ने जिन चिटफंड कम्पनियों पर प्रतिबन्ध लगा दिया था उनके दफ्तरों में सील कैसे तहसीलदार,थाना प्रभारी या कलेक्टर द्वारा खोली जा सकती है।


