छत्तीसगढ़ सरकार एससी/ एसटी एक्ट को लेकर दायर करेंगी पुनर्विचार याचिका: रमन
छत्तीसगढ़ में पुलिस मुख्यालय द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत गिरफ्तारी के बारे में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए आदेश के सम्बन्ध में कल जारी किए गए

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस मुख्यालय द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत गिरफ्तारी के बारे में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए आदेश के सम्बन्ध में कल जारी किए गए दिशा निर्देश पर मचे घमासान के बीच आज मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने इस पर रोक लगाते हुए पुनर्विचार याचिका दायर करने का ऐलान किया है।
डा.सिंह ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में पुलिस मुख्यालय द्वारा कल राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए आदेश के सम्बन्ध में कल जारी किए गए दिशा निर्देश पर रोक लगाने की घोषणा की।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार इस सम्बन्ध में अलग से उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर गिरफ्तारी के सम्बन्ध में दिए गए आदेश को वापस लेने का अनुरोध करेगी।
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के.विज द्वारा उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत गिरफ्तारी के बारे में दिए आदेशों का हवाला देते हुए एक विस्तृत दिशा निर्देश कल जारी किया था,जिसमें यह भी कहा गया था कि इसकी अनदेखी किए जाने पर सम्बधित पुलिस अधिकारी न्यायालय की अवमानना के लिए जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इस आदेश के मीडिया में आने के बाद मुख्य विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोल दिया।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल.पुनिया ने कल नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर रमन सरकार के साथ ही मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम को कमजोर नही होने देने की बात करते है वहीं भाजपा शासित राज्यों को उच्चतम न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश जारी करवाते है। छत्तीसगढ़ में आदेश जारी हो गया है और भी भाजपा शासित राज्यों इस तरह के आदेश जारी होंगे।
दरअसल छत्तीसगढ़ में इस वर्ष के अन्त में विधानसभा चुनाव होने है। राज्य में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है।
इस कारण विपक्षी दलों को पुलिस मुख्यालय के आदेश से सरकार को घेरने का एक अच्छा मौका मिल गया था लेकिन डा.सिंह ने इसकी संवेदनशीलता के मद्देनजर आदेश पर रोक लगाकर और पुनर्विचार याचिका दायर करने का ऐलान कर मामले को ठंडा करने का प्रयास किया है।


