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छत्तीसगढ़ चेम्बर ने की उद्यमियों के ऋणों पर तीन माह का ब्याज माफ करने की मांग

मोदी एव वित्त मंत्री को इस बारे में पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि कोरोना संक्रमण काल में सबसे ज्यादा प्रभावित व्यापार-उद्योग जगत को आज राहत देने की जरूरत है।

छत्तीसगढ़ चेम्बर ने की उद्यमियों के ऋणों पर तीन माह का ब्याज माफ करने की मांग
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में उद्योग एवं व्यापार के सबसे सशक्त संगठन छत्तीसगढ़ चेम्बर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन से उद्यमियों के ऋणों पर तीन माह का ब्याज माफ करने तथा उन्हे पांच लाख रूपए का ब्याज मुक्त ऋण दिए जाने की मांग की है।

चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष जैन जीतेन्द्र बरलोटा ने आज यहां बताया कि श्री मोदी एव वित्त मंत्री को इस बारे में पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि कोरोना संक्रमण काल में सबसे ज्यादा प्रभावित व्यापार-उद्योग जगत को आज राहत देने की जरूरत है। उन्होने बताया कि पत्र में व्यापार-उद्योग के लिये बैंक से लिये गये सभी प्रकार के लोन पर जो किश्तें बढ़ाई गई है उसके साथ ही तीन माह तक का ब्याज नहीं लिया जाय। इसी तरह जरूरतमंद व्यापारी को पांच लाख रूपये तक का बैंक ऋण बिना ब्याज के मिले इससे देश के पांच करोड़ से ज्यादा व्यापारियों को राहत मिलेगी।

उन्होने बताया कि प्रेषित पत्र में केन्द्र सरकार द्वारा जारी होने वाले लायसेंस जिनके नवीनीकरण की तिथि मार्च से मई तक थी उसमें किसी भी प्रकार का पेनाल्टी शुल्क नहीं लिये जाने की भी मांग की गई है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी।इसे 30 जून तक बढ़ाया जाना चाहिये।

चेम्बर ने इस पत्र में कहा कि लाकडाफन के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को भी बहुत फर्क पड़ा है, अधिकतर ट्रांसपोर्ट की गाड़ियां नहीं चली, उनकी आय भी बंद है,इस कारण नेशनल परमिट, रोड टैक्स एवं इंश्योरेंश की अवधि बढ़ाई जानी चाहिये।चेम्बर ने छोटे/मध्यम व्यापारियों के आयकर में बदलाव की मांग करते हुए कहा है कि टर्नओवर में नेट प्राफिट पर आठ प्रतिशत आयकर लगने वाले आयकर को पांच प्रतिशत किया जाय।

श्री बरलोटा ने बताया कि पत्र में उद्योगों के लिये बिजली बिल वास्तविक रीडिंग पर लिये जाने की मांग की गई है।पत्र में लाकडाउन के समय जो कर्मचारियों का वेतन व्यापारी/उद्योगपति द्वारा दिया गया है, उस वेतन का कुछ हिस्सा ईपीएफ फंड में जो रहता है उसमें से दिये जाने की मांग की गई है।


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