बिहार की जेलों में गूंज उठे छठ के गीत
लोक आस्था के महापर्व छठ के गीतों से न केवल बिहार की गलियां और सड़कें गुंजायमान हो रही हैं, बल्कि बिहार की जेलों में भी छठ गीत गूंज रहे हैं।

पटना। लोक आस्था के महापर्व छठ के गीतों से न केवल बिहार की गलियां और सड़कें गुंजायमान हो रही हैं, बल्कि बिहार की जेलों में भी छठ गीत गूंज रहे हैं।
बिहार की विभिन्न जेलों में बंद कैदी भी सूर्योपासना का यह व्रत कर रहे हैं। पटना के आदर्श केन्द्रीय कारागार बेउर जेल में 26 महिलाओं सहित 42 कैदी छठ व्रत कर रहे हैं।
जेल अधीक्षक रूपक कुमार ने बताया कि इन छठव्रती कैदियों के लिए जेल प्रशासन ने सारी व्यवस्था करायी हैं जबकि अर्घ्य देने के लिए अस्थायी जलकुंड की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि बेउर जेल में प्रत्येक वर्ष कैदियों द्वारा छठ व्रत रखा जाता है। जेल प्रशासन ने कैदियों को जरूरत का प्रत्येक सामान उपलब्ध कराया है।
छठ के लिये सारे कैदियों ने कल जेल परिसर की सफाई की। शांति सरोवर की सफाई कर कैदियों ने उसे अर्घ्य के लिए तैयार किया है। मुजफ्फरपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा में 62 महिला समेत 110 कैदी छठ व्रत कर रही हैं ।
जेल अधीक्षक सतेन्द्र कुमार ने बताया कि इनमें 05 मुस्लिम शामिल है। जेल प्रशासन की ओर से व्रत करने के लिये कैदियों को विशेष सुविधा मुहैया करायी गयी हैं ।
उन्होंने बताया कि नहाय-खाय के दिन जेल प्रशासन की ओर से कद्दू,चना दाल और बासमती चावल की व्यवस्था कराई गई थी। व्रती कैदियों ने लकड़ी जलाकर इसका प्रसाद बनाया फिर इसे सारे कैदियों के बीच वितरित किया गया।


