सबसे बड़ा विकास खंड शिक्षा गुणवत्ता में फिसड्डी,कुल 477 शालाएं, दर्जनों स्कूल भवन जर्जर
बिलासपुर ! शिक्षा गुणवत्ता योजना की जांच में जिले के सबसे बड़े विकासखण्ड बिल्हा की हालत खराब है। सुदूर वनांचल गौरेला विकासखण्ड के बाद बिल्हा ऐसा ब्लाक है

डॉ. कलाम शिक्षा गुणवत्ता योजना में बिल्हा के 165 स्कूलों को सी व डी ग्रेड
पानी व अन्य सुविधाओं का भी अभाव
बिलासपुर ! शिक्षा गुणवत्ता योजना की जांच में जिले के सबसे बड़े विकासखण्ड बिल्हा की हालत खराब है। सुदूर वनांचल गौरेला विकासखण्ड के बाद बिल्हा ऐसा ब्लाक है, जहां शिक्षा की गुणवत्ता काफी खराब है। सडक़, बिजली और पानी जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं होने के बावजूद शिक्षा के स्तर में यह ब्लाक पिछड़ा है। जिले में कुल 2,629 प्रायमरी व मिडिल स्कूल है। वर्ष 2015-16 में सर्वशिक्षा अभियान के तहत् ही शिक्षा गुणवत्ता योजना देश के पूर्व राष्ट्रपति के नाम से चार चरणों में चलाई जा रही है जिसमें पहले चरण की रिपोर्ट के अनुसार गौरेला के बाद बिल्हा की अन्य ब्लाकों से ज्यादा स्थिति खराब है। अभियान में पर्याप्त वजह नहीं होने व संसाधन की कमी के कारण ही अभियान काफी प्रभावित हुआ है। जिन 100 बिन्दुओं को जांच का आधार मानकर स्कूलों की ग्रेडिंग की गई है। उसके अनुसार जिले के 757 स्कूलों की ‘सी’ ‘डी’ ग्रेड में रखा गया है जिसमें से 130 में ही उपचारित शिक्षण कार्य करवाकर स्थिति में सुधार किया गया है।
वर्ष 2012-13 के बाद सर्वशिक्षा अभियान के तहत् सभी प्रकार के निर्माण कार्य बजट के अभाव के कारण बंद है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान चार चरणों में होगा और अन्तिम चरण तक स्कूलों व शिक्षा के स्तर में सुधार कर लिया जाएगा। बिल्हा विकासखण्ड के तहत प्राथमिक व मिडिल स्कूलों की संख्या 477 है जिसमें 165 स्कूलों को ‘सी’ ग्रेड में रखा गया है।
दर्जनों शाला भवन जर्जर
सर्वशिक्षा अभियान के तहत् बनवाए गए दर्जनों भवनों की हालत काफी जर्जर है, जिनके जीर्णोद्धार की आवश्यकता है। लेकिन बजट नहीं होने के कारण भवन में सुधार कार्य नहीं हो पा रहा है। वहीं पानी की ठीक-ठाक व्यवस्था नहीं होने कारण बच्चों द्वारा शौचालय का उपयोग नहीं किया जाता है। प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला भवन को छोड़ अन्य भवनों व जगहों पर शिक्षकों द्वारा कक्षाएं मजबूरी वश लगाई जाती है, क्योंकि भवन तो है लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण छात्रा-छात्राओं को असुविधा का सामाना करना पड़ता है।
ये है अभियान का उद्देश्य
सर्वशिक्षा अभियान का लक्ष्य 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को उपयोग और प्रासंगिक प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करता है।
साथ ही स्कूलों के प्रबंध में समुदाय की सक्रिय सहभागिता सहित सामाजिक क्षेत्रीय और लैंगिक विषमताओं को पाटने का भी कार्य करना है। नवीन प्राथमिक शाला खोलने, शिक्षा गारंटी शाला का प्राथमिक शाला में उन्नयन के साथ ही नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण व शिक्षकों के पदों की स्वीकृति प्रमुख उद्देश्य है।
ग्रेडिंग अनुसार विकासखण्ड शिक्षा का स्तर
विकासखंड ग्रेडिंग
गौरेला 01
बिल्हा 02
कोटा 03
मरवाही 05
पेण्ड्रा 06
तखतपुर 07
ग्रेडिंग की जानकारी नहीं
स्कूलों में हुई ग्रेडिंग की मुझे जानकारी नहीं है। यदि बिल्हा विकासखण्ड में शिक्षा का स्तर निम्न है तो इसकी जांच संबंधित विभाग से कार्रवाई जाएगी। लगभग सभी प्रकार के साधन-सुविधा होने के बाद भी ऐसी स्थिति है, तो निश्चित ही स्तर सुधारने अभियान चलाया जाएगा।
धरमलाल कौशिक
प्रदेशाध्यक्ष- भाजपा


