दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, भारी विस्फोटक बरामद
छत्तीसगढ़ में दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के जंगली इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है

माओवादियों की साजिश नाकाम, जंगल से मिला बमों का जखीरा
- बारसूर क्षेत्र में छिपा विस्फोटक डंप उजागर, सुरक्षित किया गया
- सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्त अभियान ने बिगाड़ी नक्सलियों की चाल
- जन सुरक्षा की जीत: बम निरोधक दस्ते ने किया विस्फोटकों को निष्क्रिय
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के जंगली इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।
गुप्त सूचना के आधार थाना बारसूर क्षेत्र के ग्राम कुरसिंगबहार के समीप वन क्षेत्र से माओवादियों द्वारा छिपाए गए एक विस्फोटक डंप को खोज निकाला और नष्ट किया गया है। इस संयुक्त ऑपरेशन में तीन पाइप बम और एक प्रेशर कुकर आईईडी समेत भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गौरव राय के दिशा-निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन में की गई। 13 जनवरी को खुफिया जानकारी मिलने के बाद युवा प्लाटून 195 वाहिनी, क्विक एक्शन टीम 111 वाहिनी, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने सर्च अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व 195 बटालियन के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह ने किया था।
मौके पर की गई सघन तलाशी में कुल तीन पाइप बम, जिनका वजन प्रत्येक लगभग 10 किलोग्राम था, एक लगभग 5 किलोग्राम वजन का प्रेशर कुकर आईईडी और चार खाली प्रेशर कुकर बरामद हुए। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया, जिससे सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को होने वाली किसी भी संभावित क्षति को टाल दिया गया।
यह सफल कार्रवाई खुफिया एजेंसियों, सीआरपीएफ इकाइयों और स्थानीय पुलिस के बीच उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम बताई जा रही है। इसे क्षेत्र में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो नक्सलियों की घातक योजनाओं को नाकाम करने में सक्षम रही।


