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राजनांदगांव में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र कांड का पर्दाफाश

छत्तीसगढ के राजनांदगांव में नाबालिग से जन्मे बच्चे को अवैध रूप से गोद दिलाने और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने के मामले में बोरतलाव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल के तीन कर्मचारियों को आज गिरफ्तार किया है

राजनांदगांव में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र कांड का पर्दाफाश
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कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल के तीन कर्मचारी गिरफ्तार, रिकॉर्ड में की हेराफेरी

  • नाबालिग से जन्मे बच्चे को अवैध गोद दिलाने की साजिश बेनकाब
  • डॉ. विजय राज नागवंशी के निर्देश पर चला फर्जीवाड़ा, स्टाफ ने किया सहयोग
  • पुलिस जांच में खुलासा: अपराध स्वीकारने के बाद आरोपी जेल भेजे गए

राजनांदगांव। छत्तीसगढ के राजनांदगांव में नाबालिग से जन्मे बच्चे को अवैध रूप से गोद दिलाने और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने के मामले में बोरतलाव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल के तीन कर्मचारियों को आज गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिला और एक पुरुष कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने अस्पताल रिकॉर्ड में हेराफेरी कर नगर निगम को गलत जानकारी भेजी थी।

पुलिस के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया जब बोरतलाव थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से जन्मे बच्चे को एक दंपत्ति द्वारा अवैध रूप से गोद लेने का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आरोपी दंपत्ति और विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध कार्रवाई की थी। इसके बाद विवेचना के दौरान यह संदेह गहराया कि अस्पताल की मिलीभगत के बिना जन्म प्रमाण पत्र बनना संभव नहीं था।

जांच में सामने आया कि कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल के संबंधित स्टाफ को यह पूरी जानकारी थी कि उक्त बच्चा आरोपी दंपत्ति का नहीं है और न ही बच्चे की डिलीवरी उनके अस्पताल में हुई थी। इसके बावजूद आपराधिक षड्यंत्र के तहत नगर निगम को झूठी रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें बच्चे के जन्म को अस्पताल में होना दर्शाया गया, ताकि जन्म प्रमाण पत्र जारी हो सके।

पुलिस विवेचना में यह भी खुलासा हुआ है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा डॉ. विजय राज नागवंशी के निर्देश पर किया गया। डॉ. नागवंशी कृष्ण हॉस्पिटल और कुमुद मेमोरियल हॉस्पिटल में आरएमओ के रूप में कार्यरत रह चुके हैं। उनके कहने पर अस्पताल स्टाफ दीपिका यादव, सैमुअल धोके और गेशु देवांगन ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में सहयोग किया।

पुलिस ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।


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