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बीजापुर: जंगल में छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद, एके-47 समेत चार हथियार और 76 जिंदा कारतूस जब्त

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के बीच भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम उतला के जंगल में पुलिस ने जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद किया है

बीजापुर: जंगल में छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद, एके-47 समेत चार हथियार और 76 जिंदा कारतूस जब्त
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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के बीच भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम उतला के जंगल में पुलिस ने जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में एके-47 समेत चार हथियार और कुल 76 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल अमन झा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के बाद थाना भैरमगढ़ से पुलिस बल को ग्राम उतला के जंगल की ओर रवाना किया गया। अभियान से पहले अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भैरमगढ़ नवीन एक्का ने जवानों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश और ब्रीफिंग दी।

पुलिस टीम ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उतला के जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। इसी दौरान जवानों को जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया एक डम्प मिला। पुलिस ने डम्प को बाहर निकालकर उसकी जांच की तो उसमें हथियार और कारतूस मिले।

पुलिस के मुताबिक, बरामद सामग्री में एक एके-47 रायफल, एक 315 बोर रायफल, एक सिंगल शॉट रायफल और एक 9 एमएम पिस्टल शामिल है।

इसके अलावा पुलिस ने एके-47 की दो मैगजीन, एके-47 के 45 जिंदा राउंड, 9 एमएम के 25 जिंदा राउंड और 315 बोर रायफल के 6 जिंदा राउंड बरामद करने की बात कही है। इस तरह ऑपरेशन में कुल 76 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से संगठन की गतिविधियों और पूर्व की घटनाओं के संबंध में लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। इसी प्रक्रिया में मिली सूचनाओं के आधार पर जंगलों में छिपाए गए हथियारों और अन्य सामग्री की तलाश भी की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि इन प्रयासों से आत्मसमर्पण करने वालों का पुलिस और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल रही है।

पुलिस ने उतला के जंगल से बरामद हथियारों और कारतूसों को थाना भैरमगढ़ लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों को कार्रवाई के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस के मुताबिक, जिले के संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की ओर से लगातार सर्चिंग और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।


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