चन्नी के भतीजे ने अपना अपराध स्वीकारा : प्रर्वतन निदेशालय
प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने अपने दस्तावेजों में दावा किया है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी ने कहा है कि वह अधिकारियों से ट्रांसफर और पोस्टिंग के एवज में धनराशि लिया करता था। इन दस्तावेजों को आईएएनएस ने भी देखा है

नई दिल्ली। प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने अपने दस्तावेजों में दावा किया है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी ने कहा है कि वह अधिकारियों से ट्रांसफर और पोस्टिंग के एवज में धनराशि लिया करता था। इन दस्तावेजों को आईएएनएस ने भी देखा है।
ईडी ने शुक्रवार रात हनी को पंजाब में अवैध खनन से संबंधित धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, भूपिंदर सिंह ने तलाशी के दौरान अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि लुधियाना में उसके आवासीय परिसर (4.09 करोड़ रुपये), संदीप कुमार के लुधियाना स्थित परिसर (1.99 करोड़ रुपये) से जब्त की गई सभी नकदी और मोहाली में होमलैंड हाउस परिसर (3.89 करोड़ रुपये) से मिली नकदी वास्तव में उससे संबंधित थी। उसने खनन से संबंधित गतिविधियों के माध्यम से यह आय अर्जित करने की बात स्वीकार की। इन दस्तावेजों में खनन फाइलों की मंजूरी और अधिकारियों के स्थानांतरण शामिल हैं। ईडी के दस्तावेजों को आईएएनएस ने भी देखा है।
सूत्रों ने दावा किया कि चूंकि वह चन्नी के करीबी थे और इसलिए वह बड़ी रकम कमाने के लिए राजनीतिक कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे थे। हनी फिलहाल ईडी की हिरासत में है जहां अधिकारियों की एक टीम उससे पूछताछ कर रही है। न्यायालय ने उसके परिवार को रोजाना एक घंटे के लिए मिलने की इजाजत दी है।
आईएएनएस को मिले ईडी के दस्तावेजों के मुताबिक, हनी ने कबूल किया है कि ईडी ने छापेमारी के दौरान जो दस करोड़ रुपए बरामद किए थे, वह उसी के ही थे। ईडी ने 18 जनवरी को होमलैंड हाइट्स सहित दस अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की थी है। ईडी ने दो दिनों तक अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए।
हनी को जालंधर में ईडी के जोनल ऑफिस में पेश होकर जांच के सिलसिले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया था। ईडी अधिकारियों ने हनी के बिजनेस पार्टनर कुदरत दीप सिंह का बयान दर्ज किया था।
ईडी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने छापेमारी के दौरान अवैध रेत खनन, संपत्ति के लेन-देन, सेल फोन, 21 लाख रुपये कीमत से अधिक का सोना, 12 लाख रुपये की घड़ी और 10 करोड़ रुपए नकदी के अलावा अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए।


