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ईडी ने पंजाब के कॉलोनाइजर अजय सहगल के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि उसने मोहाली की स्पेशल कोर्ट में कॉलोनाइजर अजय सहगल के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की है

ईडी ने पंजाब के कॉलोनाइजर अजय सहगल के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की
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चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने मोहाली की स्पेशल कोर्ट में कॉलोनाइजर अजय सहगल के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर जमीन के इस्तेमाल में बदलाव (सीएलयू) की मंजूरी लेकर अपराध से हुई कमाई को लॉन्डर (अवैध धन को वैध बनाना) किया।

ईडी ने पंजाब पुलिस द्वारा सहगल और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।

2002 के प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की गई जांच से पता चला कि 'सनटेक सिटी' प्रोजेक्ट में 108.58 एकड़ कृषि भूमि को रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट में बदलने के लिए सीएलयू हासिल करने के मकसद से, इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी लिमिटेड के सेक्रेटरी सहगल ने पंजाब के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट को फर्जी सहमति पत्र सौंपे थे।

फर्जी सहमति पत्र जमा करके हासिल किए गए सीएलयू के आधार पर, ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीएमएडीए) ने प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए लाइसेंस जारी किया था। ईडी ने कहा कि उन्होंने फर्जी सहमति पत्रों के आधार पर प्रोजेक्ट के लिए रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (रेरा) का रजिस्ट्रेशन भी हासिल किया था।

इसके अलावा, यह भी पता चला कि लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित जमीन को जीएमएडीए के एस्टेट ऑफिसर को ट्रांसफर करने में वे नाकाम रहे। साथ ही, उन्होंने रेरा रजिस्ट्रेशन मिलने से पहले ही प्रोजेक्ट में यूनिट्स बेचना शुरू कर दिया था और जीएमएडीए से कंप्लीशन सर्टिफिकेट (आंशिक या पूरा) हासिल किए बिना ही जमीन मालिकों को कब्जा दे रहे थे।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि बिल्डिंग प्लान और सीएलयू को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एरिया (ठोस कचरा प्रबंधन क्षेत्र) के बिना ही गैर-कानूनी तरीके से मंजूरी दे दी गई थी, जबकि बिल्डिंग प्लान नियम 3.12.2 (इंटरनल डेवलपमेंट वर्क्स) के तहत इसकी जरूरत होती है।

पीएमएलए के तहत जांच से यह भी पता चला कि इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी लिमिटेड और एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक एग्रीमेंट हुआ था, जिसके तहत प्रोजेक्ट के सभी डेवलपमेंट और बिक्री के अधिकार एबीएस टाउनशिप को सौंप दिए गए थे। एबीएस टाउनशिप के डायरेक्टर सहगल के भाई संजय सहगल और अनिल सहगल थे।


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