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सुनील जाखड़ का हमला सीएम भगवंत मान को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया

सुनील जाखड़ का हमला सीएम भगवंत मान को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं
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अमृतसर आत्महत्या मामले पर भाजपा का तीखा बयान

  • मंत्री भुल्लर पर कार्रवाई की मांग भाजपा ने कहा दर्ज हो केस
  • जाखड़ बोले यह सरकार नहीं मंत्रियों का गिरोह
  • स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और सीएम मान के इस्तीफे की मांग

चंडीगढ़। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास अब सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं है।

यहां मीडिया से बात करते हुए जाखड़ ने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में लोग जबरन वसूली का भुगतान करने में असमर्थता के कारण अपनी जान गंवा रहे थे और गैंगस्टरों के शासन का सामना कर रहे थे। लेकिन अब तो सरकारी अधिकारी भी मंत्रियों की कथित मांगों को पूरा न कर पाने के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।

अमृतसर में तैनात गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में नाम सामने आने के बाद पंजाब के परिवहन एवं कारागार मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को मुख्यमंत्री मान ने इस्तीफा देने को कहा।

राज्य भाजपा अध्यक्ष जाखड़ ने कहा कि यह घटना एक सरकारी अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या के समान है और मंत्री भुल्लर के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

जाखड़ ने मुख्यमंत्री के इस बयान पर भी हैरानी जताई कि जांच राज्य के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को सौंपी जाएगी और सवाल किया कि मुख्य सचिव कब से हत्या के मामलों की जांच कर रहे हैं।

मुख्य सचिव को पट्टी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक भुल्लर से जुड़े उत्पीड़न और निविदा विवाद के आरोपों की जांच करने को कहा गया था।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना ने राज्य सरकार के दृढ़ ईमानदारी के दावे की सच्चाई उजागर कर दी है।

उन्होंने टिप्पणी की कि यह राज्य मंत्रिमंडल नहीं बल्कि मंत्रियों का गिरोह है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने और मामले की समयबद्ध तरीके से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराने की भी मांग की।


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